दैनिक भास्कर हिंदी: मनपा के शिक्षा विभाग में मनमानी, 2015 के बाद जारी नहीं हुई वरीयता सूची

July 23rd, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मनपा के शिक्षा विभाग में वरीयता सूची को लेकर शिक्षकों में असमंजस बना हुआ है। नियम से शेड्यूल एफ के अनुसार हर वर्ष वरीयता सूची जारी होना अपेक्षित है। परंतु मनपा के शिक्षा विभाग में सन 2015 के बाद सूची जारी नहीं की गई। मनपा के 28 हाईस्कूल हैं। इसमें से केवल 13 स्कूलों में पूर्णकालीन मुख्याध्यापक कार्यरत हैं। 15 स्कूलों का कार्यभार प्रभारी मुख्याध्यापक के भरोसे चल रहा है। प्रभारी मुख्याध्यापक नियुक्ति वरीयता के आधार पर होनी चाहिए। वरीयता सूची ही जारी नहीं होने से पात्र शिक्षकों को किनारा कर मधुर संबंधों के आधार पर नियुक्ति किए जाने की चर्चा मनपा के शिक्षा विभाग में जोरों पर है।

एक शिक्षक के अनुसार वर्ष 2015 में शेड्यूल एफ के अनुसार वरीयता सूची बनाई गई थी। इसमें काफी खामियां रहने से 25 शिक्षकों ने आपत्ति जताई थी। शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए सुनवाई ली गई। इसके बाद कमेटी गठित कर सूची बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सूत्रों से पता चला है कि, सूची बनकर तैयार है, परंतु इसे जानबुझकर जारी नहीं किया जा रहा है। कमेटी के सदस्यों से पूछने पर शिक्षा विभाग को सौंपे जाने की बात कही जाती है। शिक्षा विभाग से पूछने पर कमेटी से रिपोर्ट आनी है बताया जाता है। एक-दूसरे की ओर ऊंगली दिखाकर पात्र शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित रखकर मनमानी ढंग से प्रभारी मुख्याध्यापक नियुक्ति का सिलसिला जारी है।

क्या है शेड्यूल F
हाईस्कूल के लिए शेड्यूल एफ लागू होता है। 500 विद्यार्थी संख्या के हाईस्कूल में "अ' वर्ग के मुख्याध्यापक का पद मंजूर होता है। 500 से अधिक विद्यार्थी संख्या रहने पर "ब' वर्ग का एक उपमुख्याध्यापक पद को मंजूरी दी जाती है। बीएड. पात्रताधारक और 25 प्रतिशत स्नातक शिक्षक, सेवा में दाखिल होने के बाद बीएड. पात्रता पूर्ण करते हैं, उन्हें "क' वर्ग की मंजूरी दी जाती है। एसएससी/एचएससी डीएड. पात्रताधारक शिक्षकों को "ड' वर्ग में रखा गया है।

शैक्षणिक पात्रता और सेवा ज्येष्ठता के आधार पर वरीयता सूची तैयार की जाती है। इसमें यदि समान शैक्षणिक पात्रता पूर्ण करने वाले शिक्षक समान दिन सेवा में दाखिल होते हैं, इनमें जिसकी उम्र अधिक है, उसे वरीयता सूची में प्रथम स्थान देने का नियम है। शेड्यूल एफ के अनुसार शैक्षणिक पात्रता और सेवा ज्येष्ठता के आधार पर वरीयता सूची बनाना और हर वर्ष सूची जारी करना अनिवार्य है। सरकारी अनुदान लेने वाले सभी शैक्षणिक संस्थाओं के लिए यह नियम लागू है।

शालार्थ प्रणाली का उल्लंघन
शालार्थ प्रणाली अंतर्गत शिक्षक की जिस स्कूल में नियुक्ति की गई है, उसी स्कूल से उसे वेतन भुगतान किया जाता है। शिक्षक को अपनी नियुक्ति स्कूल में सेवा देना बंधनकारक है। मनपा के शिक्षा विभाग में आलम यह है कि अनुदानित स्कूल में नियुक्त शिक्षकों से बिना अनुदानित स्कूल में सेवा ली जा रही है। सूचना का अधिकार के अंतर्गत प्राप्त जानकारी में ऐसे 6 शिक्षक हैं। इसमें से एक को जनसंपर्क विभाग और अन्य 5 को प्रभारी मुख्याध्यापक के रूप में नियुक्त कर शालार्थ प्रणाली का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।

विद्यार्थियों के हित में ली जा रही सेवा
मनपा के अनुदानित और बिना अनुदानित स्कूल हैं। अनुदानित स्कूल में नियुक्त शिक्षकों से बिना अनुदानित स्कूलों में विद्यार्थियों के हित में सेवा ली जा रही है। विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान न हो, इसके अंतर्गत यह व्यवस्था की गई है। हालांकि वेतन उसी स्कूल से भुगतान किया जा रहा है, जहां शिक्षकों की मूल नियुक्ति है। वरीयता सूची बनाने के लिए सदन के निर्देश पर 5 सदस्यों की समिति गठित की गई है। आगे की कार्यवाही करने का अधिकार समिति को दिया गया है।
(संध्या मेडपल्लीवार, शिक्षणाधिकारी महानगरपालिका)