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पूजा-पाठ के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार, दो अब भी फरार

पूजा-पाठ के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार, दो अब भी फरार



डिजिटल डेस्क जबलपुर। पूजा-पाठ कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को जबलपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी जगदीश जोशी पिता बंशीलाल उम्र 60 वर्ष निवासी राठौर धर्माशाला वाली गली इस्लामपुरा मोहल्ला, कोतवाली जिला मुरैना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो अन्य साथी  विजय पिता रामदयाल जगा (बाबा) उम्र 60 वर्ष निवासी प्रजापति मोहल्ला हातरी कैलारस थाना कैलारस जिला मुरैना, केशव पिता खच्चूराम जगा उम्र 45 वर्ष निवासी प्रजापति मोहल्ला हातरी कैलारस थाना कैलारस जिला मुरैना अब भी फरार हैं। संबंधित आरोपी बाबा बनकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
यह है पूरा मामला-
गोरखपुर थाना अंतर्गत दिनॉक 23-9-19 को सुनील पचौरी उम्र 51 वर्ष निवासी अशोक बिहार कालोनी रामपुर ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी, कि वह शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर पदस्थ है।  04.09.19 को सुबह लगभग 09-30 बजे उसके घर पर तीन बाबा आये और आवाज दिये,  उसने बाहर आकर देखा तो उन्हे नहीं पहचाना, उन्होंने उसका सरनेम पचोरी कहकर कहा कि बेटा पहचाने नहीं मैं मेहदीपुर बालाजी वाला गुरु हूँ, तब उसे ध्यान आया कि उनसे उसकी मुलाकात वर्ष 2009 में  बी.एम. गुल्हानी के यहाँ पूजन कार्यक्रम में हुई थी, उसने उन्हें अन्दर आने के लिये कहा तो वे लोग अन्दर आ गये, चाय पीने के दौरान तीनों बाबा लोग उसकी छोटी बेटी तेजस्वनी के बारे में कहने लगे कि आपकी बेटी का दिमाग कम है उसका पढऩे में मन नहीं लगता है। आपको इसके लिये पूजन करवाना पड़ेगा, बेटी ठीक हो जायेगी, और बोले की इस पूजन में 13 दिन लगेगें , प्रतिदिन पूजन का खर्च 800 रुपये आयेगा, तो उसकी सासू माँ श्रीमती चन्दा शर्मा ने 10 हजार 500 रुपये निकाल कर दे दिये । इसके बाद वे बाबा लोग उसके घर से चले गये। इसके बाद उसके मोबाईल पर एक मोबाईल नम्बर से बार-बार बात किये और दिनाँक 18.09.19 को उसके घर पर तीनों बाबा आये और बोले कि तुम पर ब्रम्हहत्या का दोष है, स्वर्ण पूजन कराना ह।  इसका अलग से पूजन करना पड़ेगा, कहकर पूजन सामग्री एकत्रित किये एवं उसके घर पर आकर दो दिन पूजन किये , पूजन के दौरान कहने लगे कि धन शुद्धि के लिये स्वर्ण पूजा की जाना है जो भी आपके घर में सोने के जेवरात हैं लेकर आए। दिनाँक 21.09.19 को ही घर में रखे  सोने की 3 चैन ( वजनी करीब पौने 5 तोला),  . 8 अंगूठी ( एक पुखराज जडि़त सोने की, एक हीरे नग से जडि़त सोने की और 06 सोने की हैं , जिनका वजन लगभग 07 तोला ), 1 पंचाली, 1 जोड़ी कनछड़ी  वजनी डेढ़ तोला ,  06 नग कंगन  वजनी साढे तीन तोला, 1 जोड़ी कान के रिंग वजनी 05 ग्राम , 1 जोड़ी कान के टाप्स वजनी 05 ग्राम, 2 हार  वजनी साढे तीन तोला, 1 बेंदी वजनी 08 ग्राम  के लाकर दिये जिसे रुमाल में बांधकर पूजन में रखवा लिये और पूजन करने लगे और बोले कि आपके पितरों का पूजन करना है  एवं उसे पत्नी सहित पश्चिम दिशा की ओर मुँह कराकर बैठा दिए। एक बाबा ने हमारे पीछे खड़े होकर पूजन कराया, इसके बाद कहने लगे कि गोल्ड जहाँ पर रखा है वहीं रखा रहेगा हम कल आकर फिर से हवन करेगें उसके बाद आप अपने जेवरात उठा सकेगें। तीनों बाबा पूजन के उसी दिन दिनाँक 21.09.19 को शाम 07.15 बजे जाते समय बोले कि कल  दिनाँक 22.09.19 को शाम 04.00 बजे हम लोग आयेगें, ऐसा कहकर कर चले गये और फिर नहीं आये । उसने दिनाँक 22.09.19 को शाम लगभग 07.00 बजे पूजन के स्थान पर रखी जेवरातों की पोटली खोलकर देखा तो उसके जेवरात वहाँ पर नहीं थे, उसमें 04 नग  नकली चूडियाँ रखी मिली, तीनों बाबा पूजन के बहाने उसके सोने के जेवरातों को धोखाधड़ी कर ले गये हैं। रिपोर्ट पर धारा 420 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया।
मुरैना से किए गिरफ्तार-
गठित टीम के द्वारा घटना स्थल के पास पास आरोपियें  के सम्बंध मे पतासाजी की गयी एवं संदेहियों के फुटेज प्राप्त किये गये, मिले फुटेज के आधार पर संदेहियें का चिन्हित किया गया एवं एक टीम जिला मुरैना रवाना की गयी, टीम के द्वारा पतासाजी करते हुये 1 संदेही जगदीश जोशी को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ पर अपने साथी विजय जगा एवं  केशव जगा के साथ मिलकर झाड़ फूंक-पूजा पाठ के नाम पर जेवरों की ठगी करना स्वीकार करते हुये पूरे जेवर विजय एवं केशव के पास होना बताया, विजय एवं केशव के घरों पर दबिश दी गयी जो फरार मिले। जगदीश जोशी को विधिवत प्रकरण में गिरफ्तार किया और   फरार विजय जगा एवं केशव जगा की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
 इनकी रही उल्लेखनीय भूमिका- आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी गोरखपुर  उमेश तिवारी , उप निरीक्षक मदन सिंह मरावी, क्राईम ब्रांच के नीरज केवट, नितिन मिश्रा, अमित दुबे, शैलेन्द्र कौरव, आदित्य, की सराहनीय भूमिका रही है।

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क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

क्या है ड्रोन ? देश की सुरक्षा के लिए कितना घातक हो सकता है, जानें सबकुछ

डिजिटल डेस्क, श्रीनगरजम्मू कश्मीर की सीमा के आसपास ड्रोन की हलचलें लगातार तेज होती जा रही हैं। इसके बाद भारत ने भी ये मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है कि ड्रोन की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से घातक साबित हो सकती हैं। इस हमले के बाद से भारत में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर ड्रोन है क्या और यह कैसे ऑपरेट होते हैं? इसके इस्तेमाल और इससे क्या नुकसान हो सकता है और देश में ड्रोन्स को उड़ाने को लेकर सरकार की क्या गाइडलाइन्स हैं।

ड्रोन क्या होता है?
ड्रोन्स को UAV यानी Unmanned aerial vehicles या RPAS यानी Remotely Piloted Aerial Systems भी कहा जाता है। आम बोल चाल वाली भाषा में इसे मिनी हैलिकॉप्टर भी कहते हैं। अक्सर शादी के दौरान फोटोग्राफी के लिए आपने ड्रोन का इस्तेमाल होते हुए देखा होगा। यह एक ऐसा यंत्र है, जिसमें एचडी कैमरे, ऑनबोर्ड सेंसर और जीपीएस लगा होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है। इसके चारों और 4 रोटर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से यह आसमान में ऊंचा उड़ने में सक्षम होता है। एक ड्रोन का वजन 250 ग्राम से लेकर 150 किलोग्राम से भी ज्यादा हो सकता है।

ड्रोन को उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर, जीपीएस और रिमोट की आवश्यकता होती है। रिमोट के जरिए ही ड्रोन को ऑपरेट और कंट्रोल कर सकते हैं। ड्रोन पर लगे रोटर्स की गति को रिमोट की जॉयस्टिक के जरिए कंट्रोल किया जाता है। वहीं, जीपीएस दिशाएं बताता हैं, जीपीएस दुर्घटना होने से पहले ही ऑपरेटर को चेतावनी भेज देता है। 

ड्रोन हमले किस तरह से हो सकते हैं?
ड्रोन का इस्तेमाल कई देशों की सेनाएं कर रही हैं, क्योंकि ये साइज में छोटे होते हैं इसलिए रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आ पाते हैं, साथ ही दुर्गम इलाकों में भी गुपचुप घुसपैठ कर सकते हैं। यही कारण है कि सेना में इनका इस्तेमाल बढ़ने लगा है।ड्रोन हमले दो प्रकार से संभव हैं। एक तरीका ये है कि ड्रोन में हथियार या विस्फोटक लगा दिए जाते हैं और ड्रोन इन हथियारों या विस्फोटक को लक्ष्य पर ड्रॉप कर देता है। ड्रोन से हमले का दूसरा तरीका है ड्रोन को खुद ही एक विस्फोटक में बदल दिया जाए। 

कितने घातक हो सकते हैं ड्रोन हमले?
ये ड्रोन के प्रकार और पेलोड पर निर्भर है। पेलोड मतलब ड्रोन कितना वजन अपने साथ लेकर उड़ सकता है। ड्रोन की पेलोड क्षमता जितनी ज्यादा होगी वो अपने साथ उतनी ज्यादा मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर उड़ सकता है। अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन अपने साथ 1700 किलो तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

ड्रोन से अबतक के बड़े हमले
2020 में अमेरिका ने ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराया था। इससे पहले 2019 में यमन के हूती विद्रोहियों ने साऊदी अरब की अरामको ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला किया था। पाकिस्तान के वजीरिस्तान में 2009 के दौरान एक ड्रोन हमले में 60 लोग मारे गए थे।

देश में ड्रोन्स के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन्स 
देश में नागरिक उड्डयन मंत्रालय(Ministry of Civil Aviation) ने ड्रोन उड़ाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। ड्रोन के वजन और साइज के अनुसार इन प्रतिबंधों को कई वर्ग में बांटा गया है।

1.नेनो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2.माइक्रो ड्रोन्स- इसको उड़ाने के लिए UAS Operator Permit-I से अनुमति लेनी पड़ती है और ड्रोन पायलट को SOP(Standard operating procedure) का पालन करना होता है। 

इनसे बड़े ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए से परमिट(लाइसेंस ) की आवश्यकता होती है। अगर आप किसी प्रतिबंधित जगह पर ड्रोन उड़ाना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको डीजीसीए से अनुमति लेनी पड़ेगी। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है और इसके लिए ड्रोन ऑपरेटर पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

ड्रोन उड़ाने के लिए प्रतिबंधित जगह

  • मिलिट्री एरिया के आसपास या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका।
  • इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 5 किलोमीटर और नेशनल एयरपोर्ट के 3 किलोमीटर का दायरा।
  • इंटरनेशनल बॉर्डर के 25 किलोमीटर का दायरा ।
  • इसके अलावा ड्रोन की कैटेगरी को मद्देनजर रखते हुए इन्हें कितनी ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है वो भी निर्धारित है।

ड्रोन उड़ाने के लिए जरूरी हैं लाइसेंस
नैनो ड्रोन्स को छोडकर किसी भी तरह के ड्रोन्स को उड़ाने के लिए लाइसेंस या परमिट की जरूरत पड़ती है।ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस दो कैटेगरी के अंतर्गत दिए जाते हैं, जिसमें पहला है स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस और दूसरा है रिमोट पायलट लाइसेंस।इन दोनों लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए ड्रोन ऑपरेटर की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल होनी चाहिए। लाइसेंस के लिए ऑपरेटर कम से कम 10वीं पास या 10वीं क्लास के बराबर उसके पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से डिग्री होना अति आवश्यक हैं।आवेदन करने वाले व्यक्ति को डीजीसीए स्पेसिफाइड मेडिकल एग्जामिनेशन भी पास करना जरूरी है। लाइसेंस के लिए बैकग्राउंड भी चेक होता है।

जुर्माने का प्रावधान

  • बिना लाइसेंस उड़ाने पर 25000 रुपए का जुर्माना।
  • नो-ऑपरेशन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ान भरने पर 50000 रुपए का जुर्माना।
  • ड्रोन का थर्ड पार्टी बीमा ना होने पर 10000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।