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बिजली कंपनी में ठेका प्रथा बंद कर आउटसोर्स कर्मियों की सीधी भर्ती हो

बिजली कंपनी में ठेका प्रथा बंद कर आउटसोर्स कर्मियों की सीधी भर्ती हो

डिजिटल डेस्क जबलपुर ।  मप्र बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने आत्म निर्भरता के रोड मैप में आउटसोर्स कर्मचारियों को शामिल करने की माँग की है। ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाकर 3 सौ करोड़ रुपए बचाए जा सकते हैं। मप्र में सम्बल योजना चल रही है, मगर बिजली आउटसोर्स कर्मचारी निर्बल व आर्थिक अपंग हैं। उक्त बात संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव ने गुरुवार को पत्रकारवार्ता में कही। संघ के श्री भार्गव ने बताया कि ठेकेदारी प्रथा के कारण पूरे प्रदेश सहित जबलपुर में वेतन में विसंगतियाँ हो रही हैं। जबलपुर के साउथ व विजय नगर डिवीजनों में प्राइम वन ठेकेदार के जरिए कुशल श्रमिक 9753 रुपए व अकुशल 7500 रुपए प्रतिमाह सैलरी पाते हैं, जबकि ईगल हंटर ठेका कंपनी ईस्ट, वेस्ट व नॉर्थ डिवीजनों में कुशल श्रमिक को 9150 रुपए और अकुशल श्रमिक को 7153 रुपए दे रही है। 
जिस क्षेत्र में लाइट होगी बंद तो वेतन कटेगा - बिजली की ट्रिपिंग और फॉल्ट रोकने में अब क्षेत्रवार अधिकारियों की जवाबदारी तय की जाएगी। जिस संभाग और क्षेत्र में एक दिन में 6 से ज्यादा ट्रिपिंग होगी और फॉल्ट सुधारने में ज्यादा वक्त लगेगा, उक्त क्षेत्र के संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। ट्रांसको के 62 कर्मी को उच्च वेतनमान7 पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने 62 लाइन परिचारकों का उच्च वेतनमान स्वीकृत किया है। 
 

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