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महाराष्ट्र में बीजेपी का ही होगा सीएम, दीपावली बाद सरकार बनाने का दावा, पवार ने दोहराया विपक्ष में बैठेंगे

October 26th, 2019 19:56 IST
महाराष्ट्र में बीजेपी का ही होगा सीएम, दीपावली बाद सरकार बनाने का दावा, पवार ने दोहराया विपक्ष में बैठेंगे

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भाजपा की महाराष्ट्र प्रभारी सरोज पांडेय ने कहा है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा। दिवाली बाद हम सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। यह पूछे जाने पर कि सहयोगी दल शिवसेना सत्ता में आधी भागीदारी के अलावा मुख्यमंत्री पद पर दाव कर रही है? इस पर पांडेय ने कहा कि चुनाव के पहले ऐसा कुछ तय नहीं हुआ था। मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना के दावे की बाबत उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ पहले तय नहीं हुआ था। दिवाली बाद भाजपा का मुख्यमंत्री होगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और चर्चा करेंगे। पार्टी प्रभारी के बयान से साफ हो गया है कि भाजपा मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा नहीं छोडेगी।

मुख्यमंत्री पद के अलावा मंत्रिमंडल में आधी हिस्सेदारी चाहती है शिवसेना

शिवसेना राज्य की नई सरकार में ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद के अलावा मंत्रिमंडल में आधी हिस्सेदारी चाहती है। शनिवार को मातोश्री पर पार्टी विधायकों के साथ बैठक में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में यही फार्मूला तय हुआ था। शिवसेना अब यह वादा भाजपा से लिखित तौर पर चाहती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में विधायकों ने कहा कि इस बार आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया जाए अन्यथा उध्दव सरकार गठन को लेकर उपलब्ध दूसरे विकल्पों पर विचार करें। बैठक में मौजूद एक विधायक ने बताया कि चूंकि भाजपा व शिवसेना हिंदुत्व की विचारधारा के पक्षधर हैं इसलिए उध्दव फिलहाल दूसरे विकल्पों पर विचार नहीं करेंगेे। शिवसेना विधायकों ने सरकार गठन को लेकर सभी निर्णय लेने के लिए उद्धव को अधिकृत किया है। 

शिवसेना की दबाव नीति

मौजूदा विधानसभा चुनाव में भाजपा को उम्मीद के मुताबिक सीटे न मिलने के कारण उध्दव द्वारा भाजपा से सत्ता में हिस्सेदारी के लिए लिखित आश्वासन मांगने को दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा ने इस बार विधानसभा चुनाव में 105 सीटे जीती है उसे 17 सीटों का नुकसान हुआ है। जबकि शिवसेना को 56 सीटों पर जीत मिली है। भाजपा की सीटे घटने से शिवसेना की ‘मोलभाव’ करने की ताकत बढ़ गई है। बैठक के बाद शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने कहा कि सत्ता में समान हिस्सेदारी की बात उध्दव ने चुनाव से पहले ही स्पष्ट कर दी थी। औरंगाबाद से शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने कहा कि ढाई साल के लिए शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी के लिए सभी विकल्प खुले हैं।   

दीवाली बाद शुरु होगी सरकार गठन प्रक्रिया: दानवे 

इस बीच पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री राव साहेब दानवे ने कहा कि उनकी पार्टी को शिवसेना की ओर से प्रस्तावित सत्ता में समान हिस्सेदारी को लेकर किसी भी फार्मूले की जानकारी नहीं है। दिवाली के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार के गठन की दिशा में कदम उठाएंगे। 

शिवसेना को समर्थन दे सकती है कांग्रेस-राकांपा

राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं के अनुसार शिवसेना का रुख देखने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शिवसेना को अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए समर्थन दे सकती है। जबकि कांग्रेस शिवसेना को बाहर से समर्थन देने को राजी है। हालांकि फिलहाल राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने शिवसेना को समर्थन देने से जुड़ी किसी भी तरह की संभावना को खारिज किया है। 

पवार ने फिर दोहराया, विपक्ष में बैठेंगे

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने एक बार दोहराया है कि राकांपा विपक्ष में बैठेगी। शनिवार को उन्होंने बारामती में कहा कि जनता ने हमें विपक्ष में बैठने के लिए जनादेश दिया है, इस लिए हम विपक्ष में बैठेंगे। विधानसभा चुनाव में राकांपा को 54 सीटे मिली हैं। 

30 अक्टूबर को चुना जाएगा भाजपा विधायक दल नेता 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचिक विधायकों की बैठक आगामी 30 अक्टूबर को बुलाई गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने शनिवार को बताया कि दोपहर 1 बजे से विधानभवन मंव भाजपा विधायक दल की बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राज्य का अगला मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। इस लिए समझा जा रहा है कि विधायक दल के नेता के रुप में फिर से फडणवीस का चुनाव किया जाएगा। इस बीच, मुख्यमंत्री फड़णवीस समर्थन के लिए निर्दलीय के साथ-साथ छोटे दलों के 15 विधायकों के संपर्क में हैं। हाल ही में संपन्न हुए राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा को 105 सीटों पर जीत हासिल हुई है। 288 सदस्यीय विधानसभा में इस बार भाजपा की सीटे घटी हैं। पिछली बार भाजपा को 122 सीटें मिली थी। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।