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पोस्ट आफिस घोटाले के फरार आरोपी धरे गये - डेढ़ करोड़ से ज्यादा का मामला

पोस्ट आफिस घोटाले के फरार आरोपी धरे गये - डेढ़ करोड़ से ज्यादा का मामला

डिजिटल डेस्क सीधी। पोस्ट आफिस घोटाले के फरार एजेंट पिता-पुत्र को आज कोतवाली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पोस्ट आफिस के बड़े एजेंटों में शामिल सुरेन्द्र ङ्क्षसह चंदेल पिता उजागर लाल सिंह चंदेल एवं इनके पुत्र शशिप्रभाकर ङ्क्षसह निवासी रामडीह के विरूद्ध धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध रहा है। पोस्टआफिस में पाच वर्ष पहले डेढ़ करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया था। 
सैकड़ों खाता धारकों को चूना लगाया गया 
ज्ञात हो कि पिता-पुत्र द्वारा सुनियोजित तरीके से सैकड़ों खाता धारकों को चूना लगाया गया था। यहां से फरार होने के लिए पिता-पुत्र द्वारा सीधी शहर में स्थित अपनी करोड़ों की भूमि एवं मकान को बेेच दिया गया था। साथ ही पूरे परिवार के साथ शहर से चम्पत हो गए थे। जब खाताधारकों द्वारा दोनो एजेंटों की तलाश की गई तो इनका कोई अता पता नही मिला। इसके बाद एक-एक करके खाताधारकों द्वारा सिटी कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिन पर धारा 406,418,419,420,467,468,471 आईपीसी के तहत अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध था। हालांकि लाख प्रयास के बाद भी घोटाले के आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार नहीं हो सके थे। बताया गया है कि आरोपियों के पांच साल बाद वापस लौटने की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली थाना प्रभारी शेषमणि पटेल ने सक्रियता दिखाई और दोनो आरोपियों को सफलता पूर्वक गिरफ्तार कराते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत  किया। एजेंट पिता-पुत्र की गिरफ्तारी से सैकड़ों खाताधारकों को फिर से अपनी डूबी राशि मिलने की उम्मीदें बढ़ी है। इनके द्वारा ज्यादातर ऐसे लोगों को खाताधारक के रूप में फंसाया जाता था जो आर्थिक रूप से सम्पन्न थे। इनके धोखाधड़ी के शिकार बड़े व्यवसाईयों,अधिकारियों,कर्मचारियों के साथ ही आम लोग भी हुए है। कई लोगों की इनके भूमिगत होने से सड़क में पूरे परिवार के साथ आ जाने की स्थिती निर्मित हुई है। यह माना जा रहा है कि पिता-पुत्र द्वारा डेढ़ करोड़ से ऊपर की धोखाधड़ी सुनियोजित रूप से की गई है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।