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एम टू वॉलेट के जरिए ठगी के नए प्लान की थी तैयारी

एम टू वॉलेट के जरिए ठगी के नए प्लान की थी तैयारी

डिजिटल डेस्क जबलपुर। एम टू वॉलेट एप के जरिये लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाला सौरभ चौबे इस समय लोगों को ठगने के लिए नई योजना पर काम कर रहा था। उसके लिए वह राँची में उन साइबर क्राइम करने वालों से सम्पर्क स्थापित करने गया था जो कि साइबर क्राइम के एक्सपर्ट हैं। 
जबलपुर जोन की साइबर टीम ने सौरभ को राँची से उस समय पकड़ा जब वह इसी सिलसिले में वहाँ गया था। सौरभ को पकडऩे एवं उसके एम टू वॉलेट का पर्दाफाश करने में साइबर सेल की भोपाल स्थित  फॉरेंसिक लैब ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी लैब ने सौरभ के फ्राड का तकनीकी पक्ष उजागर किया। इधर दूसरी तरफ सौरभ चौबे को रिमांड पर लेकर साइबर सेल का एक दल उमरिया रवाना हो गया है। एक अन्य दल इंदौर रवाना किया गया है जो कि वहाँ पर जाकर एम टू एप बनाने वालों की खोजबीन करेगा।  सौरभ को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान उससे यह जानकारी हासिल की जा रही है कि उसके गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
अपने मित्रों को ही धोखा दिया 
सौरभ ने अपने मित्रों से ही 25 लाख रुपये से अधिक की रकम ली थी और जब वे रकम माँगने उसके घर उमरिया पहुँचते तो वह फरार हो जाता। उसके पिता ने तो यहाँ तक कह दिया कि सौरभ से उनका कोई सम्बंध नहीं है। 
हवाई यात्रा का शौकीन 
सौरभ न केवल हवाई यात्रा, बल्कि महँगे होटलों में भी रुकने का शौकीन था। वह पूरे देश में ट्रेन की बजाय प्लेन से यात्रा करना पसंद करता था। उसने पिछले एक साल के दौरान करीब 50 लाख से अधिक खर्च किये हैं। 
बैंकों से मँगाई जानकारी 
लोगों से एम टू एप के माध्यम से पैसा जमा कराने तथा एक प्रतिशत की दर से ब्याज दिये जाने का लालच देकर उनके साथ फ्राड करने वाले सौरभ के बैंक खातों में इस समय कितना पैसा है उसका पता लगाने के लिए बैंक मैनेजरों को पत्र लिखे गए हैं।
शिकायत करने वालों की संख्या बढ़ी 
लोगों को जैसे ही पता चला है कि एम टू एप के माध्यम से लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाला सौरभ पकड़ा गया है तो उसके खिलाफ शिकायत करने वालों की संख्या बढ़ गई है। उमरिया में भी कई लोग धोखाधड़ी की शिकायत लेकर जाँच दल के पास पहुँचे हैं।
- अंकित शुक्ला, एसपी साइबर सेल 
 

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