comScore

पं देवप्रभाकर शास्त्री  दद्दा जी हुए ब्रम्हलीन - राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

पं देवप्रभाकर शास्त्री  दद्दा जी हुए ब्रम्हलीन - राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

डिजिटल डेस्क  कटनी । देश के जाने माने गृहस्थ संत पूज्य देव प्रभाकर शास्त्री जी के भौतिक स्वरूप पार्थिव देह का सोमवार को कटनी झिझरी स्थित दद्दाधाम के वृद्धाश्रम परिसर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कलेक्टर शशि भूषण सिंह और पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने राज्य शासन की ओर से पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।दद्दा धाम से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई।वैदिक विधि विधान से पूज्य दद्दा जी की अंत्येष्टि उनके ज्येष्ठ सुपुत्र अनिल त्रिपाठी द्वारा की गई। देश भर से आए दद्दाजी के अनुयायियों, भक्तो, राजनेताओं, जनप्रतिनिधियों, शिष्य मंडल के सदस्य अभिनेता,आम नागरिकों ने दद्दा निवास मे पार्थिव देह के दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित की।


ज्ञात है कि गृहस्थ संत पं देवप्रभाकर शास्त्री दद्दाजी का रविवार रात लगभग साढ़े आठ बजे देवलोक गमन हो गया। वे 81 साल के थे। दद्दाजी किडनी और लीवर की बीमारी से पीडि़त थे। शनिवार को उन्हें एम्स दिल्ली से झिंझरी स्थित दद्दाधाम निवास लाया गया था। उनके गंभीर हालत की सूचना पर रविवार को दिन भर राजनेताओं, फिल्मी कलाकारों सहित अन्य शिष्यों का आना-जाना लगा रहा। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को दद्दाधाम में किया जाएगा। 


दद्दाजी का जन्म 29 सितम्बर 1939 को कूडऩ मर्दानगढ़ में हुआ था। अपने पीछे वे अपने तीन पुत्र, दो पुत्रियों, पौत्र, पौत्रियों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए। हजारों की संख्या में उनके अनुयायी हैं। उनके देहत्याग की खबर से देशभर के शिष्य मंडल में शोक की लहर छा गई है। रविवार को मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह, पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राजेन्द्र सिंह, मंत्री गोविंद सिंह, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा समेत बड़ी संख्या में नेता, अभिनेता व अन्य नागरिक दद्दा के कटनी स्थित निवास पर पहुंचे थे। 

कमेंट करें
GZYgs