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विमानतल पर उड़ान कम होने से पक्षियों का खतरा बढ़ा, डीजीसीए ने कहा - सावधानी बरतें

विमानतल पर उड़ान कम होने से पक्षियों का खतरा बढ़ा, डीजीसीए ने कहा - सावधानी बरतें

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोना महामारी के चलते सारे काम बंद पड़े है इस वजह से माहौल शांत होने पर वन्यजीव की एक्टिविटी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान रखकर नागर विमानन निदेशालय (डीजीसीए) ने सभी विमानतलों को सुरक्षित उड़ान के लिए परि-पत्रक जारी किया है। जिसमें बताया गया है कि उड़ान कम होने के परिणाम स्वरूप वन्यजीव और पक्षियों की एक्टिविटी बढ़ जाती है। ऐसे में वन्यजीवों की एक्टिविटी पर विशेष ध्यान दें और नियमित उनकी मॉनिटरिंग करते रहे। उड़ान कम होने की वजह से हल्के में ना लें।

डीजीसीए का मानना है कि विमानतल पर ज्यादातर पक्षी इसलिए पहुंचते है क्योंकि विमानतल का क्षेत्र व्यस्ततम शहरी क्षेत्र के बाहर की ओर फैला होता है। वहां अविकसित जगह होती है और चारों ओर मैदान होने, शांति व घास होने की वजह से विमानतल पक्षियों का आकर्षित करता है। विमानतल के पास झील, तालाब आदि होने की वजह से वह उनको आकर्षित करने का बड़ा कारण बनते है और पानी वाले क्षेत्र में रहने वाले पक्षी आकार में बड़े होने की वजह से वह विमानों के लिए अधिक घातक होते है। इसलिए विमानतल पर घास की कटाई, मॉनिटरिंग और आदि सुरक्षा के मानों पर विशेष ध्यान दें।  मामले में विमानतल प्रबंधन का कहना है कि वह नियमित रूप से सुरक्षा पर काम कर रहे हैं।

इनका कहना है

एम. ए. आबिद, वरिष्ठ संचालक ने बताया कि हमारे यहां नियमित निरीक्षण किया जाता है और घास की कटाई की जाती है जिससे पक्षी उसमें छुप ना सकें। इसके साथ ही हम उड़ान के दौरान के अलावा समय-समय पर आवाज के लिए गन का उपयोग करते है जिससे पक्षियों को वहां से हटाया जा सके।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।