• Dainik Bhaskar Hindi
  • City
  • Seminar on Intergenerational Skills for Green Hydrogen Concluded at Rabindranath Tagore University

ग्रीन एनर्जी: रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में इंटरजेनरेशनल स्किल फॉर ग्रीन हाइड्रोजन विषय पर संगोष्ठी संपन्न

July 23rd, 2022

डिजिटल डेस्क, भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस ‘टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट’ और यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय "इंटर्जनरेशनल स्किल फॉर ग्रीन हाइड्रोजन" है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंट प्रोग्राम के निदेशक श्री एरिक सोलहम, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री वी डी शर्मा जी और बतौर विशिष्ट अतिथि स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसडर और महिला प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नंदिता पाठक जी सहित रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे जी, आरएनटीयू के कुलपति प्रो. ब्रह्म प्रकाश पेठिया जी, डॉ सी वी रामन विश्वविद्यालय खंडवा के कुलपति डॉ अरुण जोशी जी, यूथ ऑफ इंडिया के फाउंडर मेंबर श्री शैलेश सिंघल, शिक्षाविद श्री अमिताभ सक्सेना, आरएनटीयू की उपकुलपति डॉ संगीता जौहरी, टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट की डॉ मनीषा पांडे विशेष रूप से उपस्थित थीं।

इस अवसर पर श्री एरिक सोलहम ने ग्रीन हाइड्रोजन की वर्तमान में उपयोगिता के विभिन्न आयामों के बारे में बताया। श्री एरिक ने कहा कि भारतीय भौगोलिक परिस्थितियां ग्रीन एनर्जी के लिहाज से बेहद खास हैं। अगर सुनियोजित तरीके से और युवाओं के सक्रिय सहयोग से इस पर काम किया जाए तो हम पर्यावरणीय प्रदूषणों से काफी हद तक पार पा सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भोपाल एवं इंदौर की ग्रीनरी से बाकि शहरों को भी सीखना चाहिए। वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री वी डी शर्मा जी ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में पर्यावरण, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन एनर्जी दुनिया का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि भारतीय ग्रामीण संस्कृति ग्रीन एनर्जी के लिए वरदान है। ग्रामीण संस्कृति ने हमेशा से ही हाइड्रोजन एनर्जी और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने का काम किया है। इस अवसर पर श्री शर्मा ने डिजिटल क्रांति में रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की सराहना भी की। सोशल इंटरप्रेन्योर सुश्री नंदिता पाठक ने "यूथ आफ इंडिया" के इस ग्रीन एनर्जी मूवमेंट की तारीफ की। साथ ही उन्होंने भारत सरकार के नेशनल क्लीन गंगा मिशन जैसे प्रोजेक्ट्स के बारे में भी बताया। कार्यक्रम में उपस्थित यूथ फार इंडिया के फाउंडर मेंबर श्री शैलेष ने कहा कि पर्यावरण एवं ग्रीन एनर्जी को लेकर यूथ फार इंडिया ने पूरी दुनिया के यूथ को इस आंदोलन से जोड़ने के लिए 45 दिन पहले इस यूथ मोबलाइजेशन प्रोग्राम की शुरुआत की गई। इन 45 दिनों में हमने 62 से अधिक देशों के युवाओं से बातचीत की। इसी क्रम में आज हम भोपाल के युवाओं के बीच आकर उनसे इस ग्रीन हाइड्रोजन मूवमेंट में जुड़ने का आह्वान करते हैं। 

इस अवसर पर रबीद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्री संतोष चौबे जी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय की जो प्रमुख समस्यायें है उसमें पर्यावरण समस्या एक बड़ी समस्या है और लगातार उसका क्षरण होता ही जा रहा है। यह पहले भारतीय परंपरा में अवधारणा थी कि आप प्रकृति के साथ समन्वय करते हुये विकास करेंगें। पर एक समय ऐसा आया कि प्रकृति अलग हो गयी और मनुष्य अलग हो गया। अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर इस दिशा में कार्य को तेजी से कर पाएं।

इस अवसर पर रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के साथ यूथ ऑफ इंडिया और यूथ फॉर ग्रीन हाइड्रोजन संस्थान के साथ एमओयू भी किया गया। साथ ही देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन की पॉलिसी रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी, डॉ सी वी रामन यूनिवर्सिटी खंडवा और यूनाइटेड नेशन एनवायरमेंट प्रोग्राम मिलकर बनाएंगे।

इस मौके पर देशभर में पर्यावरण और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु जम्मू कश्मीर से आए किसान श्री संजीव वर्मा बुंदेलखंड से रामबाबू तिवारी जी दिल्ली से मनोज मिश्रा जी टैगोर इंस्टीट्यूट आफ रूरल मैनेजमेंट से डॉक्टर मनीषा पांडे और ए आई सी आरएनटीयू के सीईओ श्री डोनाल्ड फर्नांडिस को यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंट प्रोग्राम और यूथ आफ इंडिया की तरफ से सम्मानित किया गया।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के कृषि संकाय और टैगोर इंस्टीट्यूट आफ रूरल मैनेजमेंट के द्वारा निर्मित ऑर्गेनिक किट, जैविक स्वीट्स और बांस से निर्मित सामग्री सप्रेम भेंट स्वरूप अतिथियों को दी गई। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के बैनर तले श्री एरिक सोलहम द्वारा पौधरोरण भी किया गया।