महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष से नहीं मिले शाह : सफाई में पाटील ने कहा - वे मुझसे नाराज नहीं हैं

August 10th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में देवेंद्र फडणवीस को मिलने का समय दिया, लेकिन भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील को मुलाकात का वक्त न मिलने के बाद कई तरह की चर्चा हो रही है। इस पर पाटील ने सफाई में दावा करते हुए कहा कि शाह उनसे नाराज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैंने शाह को मिलने के लिए 15 दिन पहले पत्र दिया था, पर मैंने दिल्ली दौरे के दौरान शाह से मिलने के लिए ज्यादा आग्रह नहीं किया। क्योंकि उनके पास मेरा कोई काम नहीं था। मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में पाटील ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट मंस कहा जा रहा है कि शाह फडणवीस से मिले लेकिन मुझे से मिलने से इनकार कर दिया। ऐसा कहना उचित नहीं होगा। पाटील ने कहा कि फडणवीस की भी हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात नहीं होती। वे शाह से मिलते हैं। 

मनसे से गठबंधन का प्रस्ताव नहीं

मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के साथ बैठक करने को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में नाराजगी के सवाल पर पाटील ने कहा कि यदि नाराजगी होती तो मुझे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा संसद में मिलने के लिए समय नहीं देते। मुझसे भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मुलाकात न करते। पाटील ने कहा कि मैंने नड्डा को बताया कि मनसे से गठबंधन का कोई प्रस्ताव नहीं है। मैंने केवल एक-दूसरे के विचारों को समझने के लिए राज ठाकरे से मुलाकात की थी। अब इसके आगे मुलाकात के लिए जाना है अथवा नहीं यह आप लोग तय करेंगे। इस पर नड्डा ने कहा कि ठीक है। पाटील ने कहा कि पार्टी नेतृत्व इतना साधारण नहीं है कि जो अपनी बातों से सिग्नल देगा।

पद बचाने नहीं गया दिल्ली 

पाटील ने कहा कि मैं प्रदेश अध्यक्ष पद बचाने के लिए दिल्ली में लॉबिंग करने के लिए नहीं गया था। पाटील ने कहा कि मैं एक खाली लिफाफा हूं। उस लिफाफे पर जो पता लिखा जाता है वहां चला जाता हूं। मेरे लिफाफे पर राजस्व मंत्री, सहकारिता मंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद लिखा था। मैंने वहां पर जाकर काम किया। यदि अभी लिखा जाएगा कि मुझे प्रदेश अध्यक्ष से हटना है तो मैं हट जाऊंगा। एक सवाल के जवाब में पाटील ने कहा कि मैं यह नहीं बता सकता हूं कि भाजपा के किसी ओबीसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष पद देने की जरूरत है अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि यह तय करने की जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व की है। पाटील ने कहा कि भाजपा के चार से पांच नेता जो आगे जाकर प्रदेश का नेतृत्व करेंगे। उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए मैंने उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों से मुलाकात करवाने के लिए दिल्ली गया था। 
 

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