दैनिक भास्कर हिंदी: शहडोल मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल में होंगे छह मॉड्यूलर ओटी, बैक्टीरिया का खतरा नहीं

February 3rd, 2020

डिजिटल डेस्क शहडोल । शहडोल मेडिकल कॉलेज के के 500 बेड वाले हॉस्पिटल की शुरुआत इस वर्ष मई तक होने की उम्मीद है। इसके लिए जूनियर और सीनियर रेजीडेंट की नियुक्तियां हो गई हैं। वहीं नर्सिंग, पैरामेडिकल व अन्य सहायक स्टाफ की भर्ती के लिए व्यापमं को आरक्षण के हिसाब से पदों की जानकारी भेज दी गई है। जल्द ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
 मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल में जहां सभी विभाग संचालित किए जाएंगे, वहीं इलाज की अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी। सबसे खास बात यह है कि यहां कुल 17 ऑपरेशन थिएटर (ओटी) बनाए जाएंगे। इनमें से 6 ओटी मॉड्यूलर होंगे। मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का काम चल रहा है। इसमें दीवारों के ऊपर स्पेशल फिटिंग की जाती है। यह फिटिंग इस तरह से की जाती कि कहीं भी ज्वाइंट नहीं रहता है, ताकि यहां किसी तरह का संक्रमण न हो सके। किसी भी ऑपरेशन के बाद प्यूमीगेशन करने के बाद यहां पूरी तरह से इन्फेक्शन फ्री हो जाता है। अत्याधुनिक उपकरणों से लैस इन ओटी में सर्जरी सुविधाजनक और सुरक्षित होगी। 
मॉड्यूलर ओटी का यह होगा फायदा 
-मॉड्यूलर ओटी में हेपा फिल्टर लगा होता है। यह बैक्टीरिया और वायरस को पूरी तरह से फिल्टर कर देता है। 
-ओटी का प्रोटोकाल होता है। आद्र्रता कंट्रोल रहती है, क्योंकि नमी का स्तर कम ज्यादा होने पर बैक्टीरिया पनपने का डर रहता है। 
-मॉड्यूलर ओटी में सारे उपकरण डिजिटल और हाईटेक होते हैं। साथ ही तापमान नियंत्रित करने की व्यवस्था रहती है। 
-नाइट्रोजन, आक्सीजन व अन्य गैसों के लिए एक ही प्लेटफार्म होता है, ताकि ऑपरेशन में किसी तरह की दिक्कत न हो।
10 ओटी का रहेगा ब्लॉक  
मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल में कुल 17 ऑपरेशन थिएटर हैं। इनमें से 10 मेजर और 7 छोटे ओटी हैें। इनमें छह मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर हैं। ये मॉड्यूलर ओटी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनाए जा रहे हैं। जिनमें सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, ईएनटी, प्लास्टिक और न्यूरो विभाग के ऑपरेशन किए जाएंगे। बताया जाता है कि ऑपरेशन थिएटर मार्च अंत तक बनकर तैयार हो जाएंगे। हॉस्पिटल के शुरू होने के साथ ही इनकी भी शुरुआत हो जाएगी। 
इनका कहना है
मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल में 6 मॉड्यूलर ओटी बनाए जा रहे हैं। मॉड्यूलर ओटी का फायदा मरीजों को मिलेगा। हॉस्पिटल के मई तक शुरू होने की संभावना है।
डॉ. मिलिंद शिरालकर, डीन मेेडिकल कॉलेज