दैनिक भास्कर हिंदी: कर्नाटक चुनाव में बेहाल हुई शिवसेना, 3 लाख 22 हजार ने दबाया नोटा का बटन

May 16th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अजीत कुमार। कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने के बाद बड़ी पार्टियां जहां सरकार बनाने की जोड़तोड़ में जुट गई हैं तो वहीं चुनाव में शिरकत करने वाली छोटी पार्टियां का हाल बेहाल हैं। चुनाव में महाराष्ट्र की पार्टियों ने भी अपनी ताकत का अंदाजा लिया है। यहां भाजपा को हराने की कोशिश में जुटी शिवसेना खुद बेहाल दिखी। शिवसेना ने महाराष्ट्र से सटे इलाकों में अपने उम्मीदवार उतारे थे, परंतु उसके उम्मीदवारों को कुल 13,970 वोट ही मिल पाए हैं। सूचि में शिवसेना 16वें नंबर पर है।

इसी प्रकार शरद पवार की राकांपा की हालत और भी खस्ता रही। उसके 14 उम्मीदवार मिलकर महज 10,465 वोट का ही जुगाड़ कर सके। इसी प्रकार केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवले की पार्टी आरपीआई (ए) को जहां कुल 9,649 वोट मिले हैं तो सीपीआई महज 4,871 वोट ही ले पाई है। दिलचस्प यह कि कर्नाटक के 3 लाख 22 हजार 841 मतदाताओं ने नोटा के बटन दबाए हैं। इस चुनाव में BSP एक सीट और एक लाख आठ हजार वोट पाकर प्रदेश में चौथे नंबर की पार्टी बन गई है तो वहीं पूरे तामझाम के साथ मैंदान में उतरी लगभग पांच दर्जन छोटी पार्टियां औंधे मुंह गिरी हैं।  

केजरीवाल पर भारी पड़े योगेन्द्र यादव 
चुनाव आयोग के मुताबिक जदएस और BSP को छोड़ दें तो किसी भी छोटे दल को कर्नाटक में एक लाख वोट भी हासिल नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी ने 28 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है और सभी ने मिलकर महज 23,441 वोट हासिल किए हैं। यह स्थिति तब है जब आप सांसद संजय सिंह ने वहां जमकर प्रचार किया था। यहां आप से बेहतर स्थिति में योगेन्द्र यादव की स्वराज इंडिया रही। स्वराज इंडिया के 11 उम्मीदवारों ने कुल 79,400 वोट पाए हैं। कर्नाटक चुनाव में वोट पाने दलों की सूचि में स्वराज इंडिया 8वें नंबर पर है तो अरविंद केजरीवाल की आप 14वें नंबर पर। मेलकोटे सीट पर स्वराज इंडिया के उम्मीदवार दर्शन पुटि्टनैया 74 हजार वोट लेकर नंबर दो पर रहे हैं। इस सीट पर जदएस के सांसद सी एस पुट्टाराजू ने जीत दर्ज की है। कर्नाटक में जदयू ने 27 उम्मीदवार उतारे थे, जिन्होने कुल 41,638 वोट हासिल किए हैं।