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गुजरात से आए सीधी के श्रमिक की सतना से मौत

गुजरात से आए सीधी के श्रमिक की सतना से मौत

डिजिटल डेस्क  सतना। अपने 9 साथियों के साथ गुजरात के भरुच से सागर तक साइकिल और फिर सागर से बस से बुधवार को यहां पहुंचे 30 वर्षीय एक श्रमिक दिनेश रावत की सेंट्रल किचेन के पास स्थित अस्थाई यातायात कैंप में मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतक मूलत: सीधे जिले के चुरहट थाना अंतर्गत लोटनी जडिय़ा गांव का रहने वाला था, और लंबे अर्से से टीबी से पीडि़त था। मृतक का शव एम्बुलेंस से उसके गृह ग्राम भेज दिया गया है। मृतक दिनेश रावत की पत्नी और 2 बच्चे गांव में ही रहते हैं। मृत्यु के दौरान उसका ममेरा भाई राजू रावत साथ में था।
 सागर तक साइकल से लाए थे साथी
 सिविल लाइन पुलिस ने बताया कि दिनेश रावत समेत उसके 9 श्रमिक साथियों का जत्था 16 मई को गुजरात के भरूच से पैदल ही अपने गृह ग्राम के लिए रवाना हुआ था। पहले से ही टीबी से पीडि़त दिनेश के लिए जब पैदल चलना मुश्किल हुआ तो साथियों ने रास्ते में चंदा करके एक साइकल खरीदी। साइकल में लकड़ी का एक मोटा पटरा बांधा गया और जैसे-तैसे सभी लोग 19 मई को सागर पहुंचे। सागर से बस मिल गई। ये बस 20 मई को दोपहर डेढ़ बजे यहां सेंट्रल किचेन के पास स्थित श्रमिकों के अस्थाई बस स्टैंड में रुकी। बताया गया है कि बस से उतरने के लगभग आधे घंटे बाद दिनेश की मृत्यु हो गई। खबर मिलने पर सिविल लाइन टीआई अर्चना द्विवेदी और आरक्षक  मुकेश त्रिपाठी ने एक प्रायवेट एम्बुलेंस का प्रबंध कर शव को लोटनी जडिय़ा भिजवाया।
जब खाने के लाले पड़े तो पैदल चल पड़े 
श्रमिकों के इस काफिले में मृतक के अलावा रानूकोल, मनीष रावत,पूजा रावत, आरती रावत और ललित के अलावा इनके 5 बच्चे भी शामिल थे। मृतक के ममेरे भाई ने बताया कि दिनेश रावत लंबे अर्से से टीबी से पीडि़त था,भरुच में उसका इलाज भी चल रहा था लेकिन लॉकडाउन के कारण जहां उसे इलाज नहीं मिल पाया, वहीं अन्य साथियों की भी जमा पंूजी भी खत्म हो चुकी थी। न तो पास में बस के लिए महंगा किराया था और न पेट भरने के लिए ही पैसे थे। लिहाजा सभी पैदल ही अपने घर -गांव के लिए निकल पड़े।  
 पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने की जांच की मांग 
 श्रमिक दिनेश रावत की मृत्यु पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए विधान सभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने मामले की जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई ये स्पष्ट होना चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि हजारों किलोमीटर का सफर कर कोई व्यक्ति सतना पहुंचता है और  अचानक उसकी मृत्यु हो जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण अब तक ऐसी न जाने कितनी मौते हो चुकी हैं। उन्होंने शिवराज सरकार पर सच पर पर्दा डालने की कोशिश के आरोप भी लगाए।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।