दैनिक भास्कर हिंदी: मुआवजे के नाम पर शहीद के परिवार से मजाक, भाई ने लौटाया चेक

February 14th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोजपुर। श्रीनगर में आतंकियों के हमले में शहीद हुए जवान मुजाहिद खान के परिजनों ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है। बिहार सरकार की तरफ से शहीद के परिजनों को पांच लाख रुपए दिए गए थे, लेकिन मुजाहिद के भाई ने इसे लौटा दिया। मालूम हो कि बिहार में हादसे या किसी आपदा में मौत होने पर भी सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की मदद दी जाती है। पीरो का रहने वाला मुजाहिद आतंकियों से लोहा लेते हुए जम्मू में शहीद हुआ था, ऐसे में इस राशि पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं।

सरकार का कोई नुमाइंदा नहीं आया सांत्वना देने
मुजाहिद के भाई ने स्‍थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान नीतीश सरकार के प्रति नाराजगी का इजहार किया। उन्‍होंने कहा कि जानकारी होने के बाद भी न तो कोई और न ही कोई सांसद परिवार को सांत्‍वना देने आया। जिलाधिकारी की ओर से सैनिक कल्याण कोष की चिट्ठी के साथ 5 लाख रुपये का चेक परिजनों को भेजा गया था, जिसे उन्‍होंने लेने से इनकार कर दिया। शहीद मोजाहिद के भाई का कहना है कि सरकार उन्‍हें सही प्रकार से मुआवजा दे। उन्‍होंने कहा कि सरकार शहीद की मां के लिए पेंशन और शहीद के एक भाई को सेना में नौकरी दिलाएं।

 



छोटे भाई की शहादत पर गर्व
परिजनों ने कहा कि जिले के प्रभारी मंत्री, या बिहार सरकार के मंत्री या फिर जिले के सांसद, जो खुद एक आईएएस अधिकारी रहे हैं, वह भी शहीद के घर तक नहीं आए। जिला प्रशासन का कोई बड़ा पदाधिकारी तक नहीं आया। शहीद मोजाहिद के बड़े भाई इम्तियाज ने कहा कि उन्हें अपने छोटे भाई की शहादत पर गर्व है, लेकिन शहादत कब तक यूं ही बेकार जाती रहेगी। उन्होंने कहा कि हर शहादत का बदला पाकिस्‍तान से लिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से कड़ा फैसला लेने की मांग करते हुए कहा कि रोज-रोज होने वाली इन कायराना हरकतों से देश को छुटकारा चाहिए।

सुंजवां आर्मी कैंप पर हमले में 5 जवान शहीद
जम्मू-कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर शनिवार तड़के 4:55 बजे कुछ आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में  6 जवान शहीद हो गए। जबकि एक सिविलियन की भी मौत भी हो गई थी। वहीं सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 4 आतंकियों को मार गिराया था। आतंकी सेना की वर्दी में कैंप में घुस आए थे। आतंकियों के पास से AK-56 राइफलें, ग्रेनेड और भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद हुए थे। इसके साथ ही पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद का झंडा भी मिला था।