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अवैध अंग्रेजी शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई

अवैध अंग्रेजी शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई



डिजिटल डेस्क जबलपुर।  क्राईम ब्रांच एवं गोराबाजार पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की तस्करी मे लिप्त 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 30 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है, जिसकी कीमती 2 लाख 31 हजार 320 रुपये बताई जार रही है इसके साथ ही एक कार जब्त की गई है।
इस संबंध में पुलिस ने बताया कि गोराबाजार पुलिस एवं क्राईम ब्रांच की टीम को  2 आरोपी को बिना नम्बर की जैस्ट कार मे 30 पेटी अंग्रेजी शराब कीमती 2 लाख 31 हजार 320 रुपये की ले जाने की सूचना मिली। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा गया है।
इस संबंध में थाना प्रभारी गोराबजार सहदेव राम साहू ने बताया कि आज दिनंाक 7-1-21 को शाम लगभग 4-15 बजे विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि 2 लड़के बरगी बाइपास एकता मार्केट से होते हुये एक बिना नम्बर की जेस्ट कार सफेद रंग में अंग्रेजी शराब रखे हुये हैं और जबलपुर की तरफ जा रहे हैं। सूचना पर थाना गोराबाजार पुलिस एवं क्राईम ब्रांच की संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर के बताए अनुसार गोराबजार तिलहरी मोड़ पर  दबिश दी, जहाँ   बिना नम्बर की जेस्ट कार एकता मार्केट तरफ से आते दिखी कार को रोकने की कोशिश की गयी कार  मे 2 लड़के सवार थे जिन्होने कार नहीं रोकी और गोराबजार की तरफ भागे जिनका पीछा कर गोराबजार पहलवान बाबा के पास कार केा रोका गया कार में सवार  दोनों लड़कों से नाम पता पूछने पर एक ने अपना नाम सतीश अहिरवार उम्र 30 वर्ष निवासी चैधरी मौहल्ला बेलबाग एवं दूसरे ने अपना नाम मोनू उर्फ मोहन लाल बर्मन उम्र 27 वर्ष निवासी संत सिटी साई मंदिर के पास कंचनपुर अधारताल बताया।  कार की तलाशी लेने पर कार की डिक्की के अंदर तथा पीछे वाली सीट में   23 पेटी गोवा विस्की अंगे्रजी शराब प्रत्येक पेटी में 50-50 पाव शराब , 2 पेटी में ओल्डमंक अंग्रेजी शराब प्रत्येक पेटी में 48 पाव, 2 पेटी में ओल्डमंक रम प्रत्येक पेटी में 12 बोतल, 2 पेटी मे बकार्डी ब्लैक प्रीमियम प्रत्येक में 12 बोतल, 1 पेटी मेकडबल रम के 48 पाव रखे मिले, जिनके सम्बंध में पूछताछ करने पर कोई दस्तावेज नहीं होना बताया , कुल 30 पेटी अंग्रेजी शराब कीमती 2 लाख 31 हजार 320 रूपये एवं बिना नम्बर की जैस्ट कार सफेद रंग की जप्त करते हुये आरोपियों के विरूद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गयी।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।