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भोजपुरी में अश्लीलता रोकने, महाराष्ट्र डांस बार एक्ट जैसा कड़ा कानून बनाने एकजुट हुआ समाज

July 30th, 2018 12:57 IST
भोजपुरी में अश्लीलता रोकने, महाराष्ट्र डांस बार एक्ट जैसा कड़ा कानून बनाने एकजुट हुआ समाज

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भोजपुरी मनोरंजन उद्योग और आर्केस्ट्रा में छाई अश्लीलता को रोकने के लिए महाराष्ट्र डांस बार एक्ट जैसा कड़ा कानून बनाया जाना चाहिए। पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान की ओर से शुरू की गई। इस मुहिम को पूरे उत्तर भारतीय समाज का समर्थन मिल रहा है। हाल ही में मुंबई के मालाड इलाके में इस मुद्दे को लेकर समाज से जुड़े प्रबुद्ध वर्ग की बैठक हुई। जिसमें अश्लीलता को रोकने कड़ा कानून बनाने की मांग की गई।

महाराष्ट्र की महिला व बाल विकास राज्यमंत्री विद्या ठाकुर भी संस्था का प्रतिवेदन अपनी ओर से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय गृह मंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री और सेंसर बोर्ड को भेजेंगी। इस प्रतिवेदन पर अब तक 10 हजार लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। लोगों का समर्थन जुटाने के लिए ऐसे 20 और कार्यक्रम किए जाएंगे। इसके लिए अगली जनसभा 26 अगस्त को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में होगी। 

इन्होंने भी किया विरोध
दुनिया की सबसे मीठी बोली अश्लीलता की पर्याय बन गई है। पारंपरिक गीत अश्लीलता की आंधी में उड़ गए हैं। इससे न सिर्फ समाज में नैतिकता खत्म हो रही है। हमारी विशाल धरोहर भी खत्म हो रही है। इससे महिलाओं व बच्चियों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। आईपीसी और पुलिस एक्ट में अश्लीलता रोकने के लिए जो प्रावधान है प्रशासन उस पर भी समुचित अमल नहीं कर रहा है। 
(ओम प्रकाश सिंह, सचिव, पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान) 

अश्लीलता मानवीय मूल्यों और मानवीय संवेदना के खिलाफ है। इसे रोकने के लिए समाज और सरकार दोनों को आगे आना होगा।
(कृपाशंकर सिंह, पूर्व गृहराज्य मंत्री, महाराष्ट्र )

यौन कुंठा की अभिव्यक्ति हो रही है। महिलाओं पर नए सिरे से हमला किया जा रहा है। बच्चियों का भविष्य खराब किया जा रहा है।
(पद्मश्री शोमा घोष)

स्त्री पुरुष संबंधों की जो धारणा बचपन में बन जाती है, वह स्थायी हो जाती हैं। इसलिए अश्लीलता पर लगाम लगाने की जरुरत है।
( सुमिता सुमन सिंह, भाजपा नेता)

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