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टेक्नो पार्क - 8 नहीं बल्कि 5 मंजिला बिल्डिंग को मिली स्वीकृति, नए प्रस्ताव के फेर में 4 माह खराब

टेक्नो पार्क - 8 नहीं बल्कि 5 मंजिला बिल्डिंग को मिली स्वीकृति, नए प्रस्ताव के फेर में 4 माह खराब

लागत सौ करोड़ होने से शासन ने वापस किया प्रस्ताव, दो करोड़ खर्च करके खुदाई और फिलिंग का काम हुआ पूरा
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
बरगी हिल्स स्थित आईटी पार्क में टेक्नो पार्क फेस-2 के निर्माण की अवधि वर्ष 2020 तय होने के बाद युवा और उद्योगपति एक साल बाद इसके पूरा होते ही रोजगार लगाने का सपना देख रहे थे, मगर 5 मंजिला भवन निर्माण पर अचानक ब्रेक लगाते हुए इसे 8 मंजिला बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। विभागीय अधिकारियों के साथ ही इंडस्ट्री लगाने वाले इस बात का इंतजार करने लगे कि अब 8 मंजिला भवन निर्माण होते ही उन्हें जगह मिलेगी। इस नए प्रस्ताव को हरी झंडी तो नहीं मिल सकी, बल्कि एक बार फिर पुराने प्रस्ताव 5 मंजिला भवन बनाने का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इस 5 से 8 मंजिला के फेर में 4 माह का समय भी खराब हो गया।गौरतलब है कि आईटी पार्क फेस-1 पूरा होने के बाद सामने ही फेस-2 का कार्य प्रारंभ कराया गया था। यहाँ टेक्नो पार्क की 5 मंजिला बिल्डिंग बनाने के  लिए बाकायदा बड़ी-बड़ी चट्टानें तोड़कर एक लाख वर्गफीट क्षेत्रफल का समतलीकरण भी कराया गया और निर्माण कार्य शुरू किया गया, मगर अचानक इस कार्य को ब्रेक लगाते हुए 8 मंजिला बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
लागत बढऩे से प्रस्ताव वापस 
 बताया जाता है कि पूर्व में जो 5 मंजिला भवन बनाने का प्रस्ताव बनाया गया था उसकी लागत 22 करोड़ रुपए तय की गई थी, मगर दूसरा जब 8 मजिला का प्रस्ताव बनाया गया तो उसकी लागत 22 से सौ करोड़ रुपए तक पहुँच गई। इसका प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया। बताया जाता है कि कोरोना काल में औद्योगिक विभाग व सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक न होने के कारण नए प्रस्ताव को शासन द्वारा वापस भेज दिया गया और अब 5 मंजिला भवन के लिए ही काम शुरू किया जा रहा है। 
2020 में पूरा होना था निर्माण 
 बताया जाता है कि पूर्व की योजना के अनुसार जनवरी 2019 में कार्यादेश जारी कर  दिसंबर 2020 में निर्माण कार्य पूरा करने का टारगेट तय किया गया था। एमपीएसईडीसी के द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में 6 माह का समय अतिरिक्त लग सकता है।
इनका कहना है
8 मंजला के प्रस्ताव को वापस कर दिया गया है। पाँच मंजिला भवन निर्माण के लिए ही कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। 2 करोड़ रुपए से खुदाई के साथ ही कुछ क्षेत्रों का समतलीकरण व दोनों पार्क के बीच एक गार्डन का निर्माण कराया गया है।
-प्रवीण दीक्षित, जीएम, एमपीएसईडीसी

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।