comScore

निगम में पड़ सकते हैं वेतन के लाले, राज्य शासन ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से कटौती कर चुका दिया बिजली का बिल

निगम में पड़ सकते हैं वेतन के लाले, राज्य शासन ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से कटौती कर चुका दिया बिजली का बिल

निगम का पक्ष तक नहीं सुना, विद्युत मंडल से निगम को जो राशि लेनी है उस पर कोई निर्णय नहीं
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
नगर निगम को बिजली बिल के रूप में जो राशि विद्युत मंडल को चुकानी थी वह नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से सीधे कटौती करके मंडल को दे दी है। अब चुंगी क्षतिपूर्ति की जो राशि निगम को मिलेगी वह कटौती के बाद की होगी। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि करीब 20 करोड़ की राशि में से यदि 5-7 करोड़ रुपए की कटौती हुई तो निगम में वेतन के लाले पड़ जाएँगे। ऐसा नहीं कि यह कटौती केवल जबलपुर नगर निगम की हुई है, बल्कि इंदौर और भोपाल निगम ने भी राशि नहीं चुकाई थी इसलिए उनकी कटौती भी की गई है।
नगर निगम को विद्युत मंडल को करीब 29 करोड़ रुपए का भुगतान करना था। यह राशि 3 माह की है। विद्युत मंडल को अब सीधे राशि मिल गई है लेकिन सवाल उठता है कि नगर निगम विद्युत मंडल को बिजली बिल का भुगतान क्यों नहीं कर रहा था, इस पर कुछ अधिकारियों का कहना था कि बिजली बिल को लेकर कई आपत्तियाँ थीं और इसी वजह से बिल नहीं चुकाया जा रहा था, ताकि आपत्तियों का निराकरण हो और उसके बाद जो राशि रहे उसे चुका दिया जाए। नगरीय प्रशासन विभाग ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए राशि चुका दी है और निगम को अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया है। भोपाल और इंदौर नगर निगम से भी इसी प्रकार की कटौती करते हुए कुल 150 करोड़ रुपए विद्युत मंडल को दिए गए हैं।
अधिकारी अन्य विभागों का समायोजन क्यों नहीं करते7 भोपाल स्तर पर यदि ऐसे ही एक दूसरे विभागों के बिलों का भुगतान होने लगे तो बात ही क्या। नगर निगम को तो पुलिस विभाग से भी करोड़ों का टैक्स लेना है। इसी प्रकार अन्य विभागों से भी राशि लेनी है, तो अधिकारी इस तरफ ध्यान क्यों नहीं लगाते या फिर विद्युत मंडल से समायोजन में किसी को कोई खास लाभ दिया गया हो इसलिए रुचि ली गई तो यह अलग मामला है।
अधिभार किसके सिर आएगा7 विद्युत मंडल का बिल नहीं चुकाने पर हर माह अधिभार भी लगता है। 29 करोड़ का सवा फीसदी भी लाखों में होता है और यह राशि एक तरह से बेवजह दी गई है। निगम को विद्युत मंडल से राशि वसूलनी भी है तो उसके लिए बिल तो चुकाना ही होगा और यदि मंडल से निगम को टैक्स या अन्य मदों की राशि वसूलनी है तो उसके लिए भी कार्रवाई करनी होगी, लेकिन लाखों रुपयों का अधिभार किस अधिकारी से वसूला जाएगा यह तय होना चाहिए।

कमेंट करें
gL3u5