comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

जिले में बढ़ेगा हल्दी का रकवा, प्रोसेसिंग भी होगी - 1300 किसान करते हैं खेती

जिले में बढ़ेगा हल्दी का रकवा, प्रोसेसिंग भी होगी - 1300 किसान करते हैं खेती

डिजिटल डेस्क शहडोल । जिले में इस बार हल्दी का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही प्रोसेसिंग का कार्य भी शुरू किया जा रहा है। एक-जिला एक फसल के तहत जिले में हल्दी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कृषकों को प्रेरित किया जा रहा है। वर्तमान में हल्दी उत्पादन में जिला प्रदेश में सातवें स्थान पर है। इसे पहले स्थान पर लाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को हल्दी उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।  जिले में मुख्य रूप से सुवर्णा, सुनैना, सुदर्शन, रोमा, सगुना, सुरोमा किस्म की हल्दी की किस्म उगाई जाती हैं। वर्तमान में जिले में हल्दी का रकवा करीब 670 हेक्टेयर है। वहीं एक लाख 27 हजार क्विंटल हल्दी का उत्पादन होता है। इसे एक हजार हेक्टेयर करने का प्रयास है। वहीं हल्दी की खेती करने वाले किसानों की संख्या करीब 1300 है। इसे 2000 तक करने का प्रयास  है। इसके साथ ही जिले में हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की तैयारी भी है, ताकि किसानों को उनके उत्पादन का जिले में ही पूरा लाभ मिल सके। इसके लिए उनको यहां-वहां भटकना न पड़े।
जिले में सोहागपुर जनपद पंचायत सबसे आगे
जिले में सबसे ज्यादा हल्दी की खेती सोहागपुर जनपद पंचायत के गांवों में की जाती है। यहां हल्दी का रकवा 162 हेक्टेयर है। इसके अलावा गोहपारू जनपद में करीब 138 हेक्टेयर, जयसिंहनगर नगर में 148 हेक्टेयर, बुढ़ार में 113 हेक्टेयर और ब्यौहारी जनपद पंचायत में 109 हेक्टेयर में हल्दी की खेती की जाती है। इस तरह करीब 670 हेक्टेयर में जिले में हल्दी का उत्पादन होता है। अगर संभाग की बात करें तो संभाग के तीनों जिलों शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में हल्दी का रकवा 2023 हेक्टेयर है और यहां 33322 मीट्रिक टन हल्दी का उत्पादन किया जाता है।
कम रकवे से होगी शुरुआत

विशेषज्ञों के अनुसार हल्दी उत्पादन के लिए ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं है। एक  जिला एक फसल योजना के तहत जिले में ऐसे किसानों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनके पास जमीन और सिंचाई के साधन हैं। उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग के अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक किसानों से संपर्क कर उन्हें हल्दी उत्पादन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि शुरुआत कम रकवे से की जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसमें शामिल किया जा सके। अगर इसके परिणाम अच्छे रहते हैं तो रकवा बढ़ाया जाएगा। पूरा प्रयास उत्पादन को बढ़ाना है।
इनका कहना है
हल्दी का उत्पादन के लिए किसानों को अमले की ओर से प्रेरित किया जा रहा है। पूरा प्रयास हल्दी उत्पादन में जिले को पहले स्थान पर लाना और हल्दी उत्पादक जिला के रूप में पहचान बनानी है। 
मदन सिंह परस्ते, सहायक संचालक उद्यानिकी


 

कमेंट करें
swab7
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।