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बफर जोन में पर्यटकों को मिल सकेगा हाथियों की ज्वॉय राइड का लुत्फ

बफर जोन में पर्यटकों को मिल सकेगा हाथियों की ज्वॉय राइड का लुत्फ

डिजिटल डेस्क उमरिया । बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में कान्हा की तर्ज पर बफर जोन में हाथियों की ज्वॉय राइड शुरू हो सकती है। प्रबंधन ने पार्क खुलने के पहले हाल ही में पर्यटन टूरिज्म से जुड़े लोगों की बैठक की थी। सभी लोगों को एनटीसीए की गाइड लाइन का पालन करते हुए पर्यटन नियमों की जानकारी दी गई थी। इसी दौरान इसमे गाइड, जिप्सी संगठन व अन्य निजी संस्थानों की तरफ से यह बात सामूहिक तौर पर बाहर आई थी। लोगों की मंशानुसार प्रबंधन बफर जोन में ऐसे क्षेत्र चिन्हित कर कैम्प व सफारी की संभावनाओं का तलाश रहा है।
कोर में आधे घण्टे की अनुमति
ज्ञात हो कि वर्तमान में हाथियों से ज्वॉय राईडिंग केवल कोर जोन में होती है। ताला, मगधी तथा खितौली गेट की ऑनलाईन बुकिंग होती है। जिन पयर्टकों के पास ये टिकट होती है वे लोग अपसी सुविधा अनुसार हाथी की सवारी का लुफ्त ले सकते हैं। इसके लिए वर्तमान में केवल कोर क्षेत्र उपलब्ध था। प्रतिदिन व्यक्ति एक हजार शुल्क जमा कराई जाती है। फिर आधे घण्टे के लिए निर्धारित रूट में घुमाया जाता है। अब बफर जोन में इसे चालू करने की मांग की जा रही है। हालांकि प्रबंधन जल्दबाजी की बजाए एक ठोस प्लान के साथ कोई भी कार्य करने का पक्षधर है।
पर्यटको मिलेंगे बांधवगढ़ की सुंदरता देखने का नया विकल्प
समिति से जुड़े स्थानीय लोगों का इस तर्क के पीछे पर्यटन से जुड़े नए अवसरों से भी है। इससे बफर में टूरिज्म की गतिविधियां बढऩे से वन्यप्राणी संरक्षा और दुरस्त होगी। कई देशी विदेशी पर्यटक बाघ के साथ विशालकाय जीव हाथी पर सवारी कर वनों की सुंदरता का लुफ्त लेना चाहते हैं, ऐसे लोगों के लिए यह नया विकल्प मिलेगा। सरकार को अतिरिक्त आय मिलेगी। वन्यजीवों की सुरक्षा में भी बल मिलेगा।
वर्तमान में पर्यटन पर एक नजर
ज्ञात हो कि बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में अक्टूबर से पार्क खुलने के बाद नवंबर व दिसंबर में भीड़ बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में कई बार लोग प्राकृति व वन्यजीव सुंदरता के रोमांच से लबरेज होना चाहते हैं। औसतन इन दो माह में पर्यटकों की संख्या 8 हजार से 13 तक पहुंच जाती है। वर्तमान में सुबह 75 तथा शाम को 72 गाडिय़ां भीतर प्रवेश की अनुमति है।
हाथियों के कुनबे पर नजर
पार्क प्रबंधन के पास 18 हाथियों का कुनबा है। इनमे 10 नर तथा 8 मादा हैं। साथ ही 7 ऐसे हैं जो अभी वयस्क नहीं हुए। ऐसी स्थिति में 11 की ही उपलब्ध रहती है। 4 हाथी सीधी से लाए गए जंगली भी शामिल हैं। इन्हें अभी ट्रेनिंग दी जा रही है। इस स्थिति में प्रबंधन के पास केवल 6-7 प्रशिक्षित हाथी शेष बचते हैं। जिनका मुख्य कार्य रेस्क्यू, सर्चिंग जैसे आपातकाल टाईगर ट्रैकिंग का कार्य करना पड़ता है। इन कार्यों के बाद दूसरी प्रामिकता ज्वॉय राइडिंग होती है।
तलाश रहे संभावना
  बीटीआर में अब हर माह पर्यटन व सुरक्षा से जुड़े गाइड, जिप्सी, वाइल्ड लाइफ संस्थाएं व अन्य विशेषज्ञों की एक बार बैठक होती है। वन्यजीव सुरक्षा तथा पर्यटन से संबंधित मुद्दों पर चिंतन इसका प्रयास है। इन्होंने बफर जोन में टूरिज्म बढ़ाने के लिए ज्वाय राइडिंग का प्रस्ताव दिया है। हम वन्यजीव, ऐसे स्थल, पर्याप्त पानी सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसके बाद ही अगला कदम पुख्ता तरीके से उठाया जाएगा।
विंसेंट रहीम, क्षेत्र संचालक बांधवगढ़।

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