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ट्रांसफर-पोस्टिंग में लेन-देन का खेल, ओएफके कर्मियों ने जीएम के पास चिट्ठा खोला

ट्रांसफर-पोस्टिंग में लेन-देन का खेल, ओएफके कर्मियों ने जीएम के पास चिट्ठा खोला

ओएफके प्रशासन की तत्काल कार्यवाही, आरोपी एम्प्लाई सस्पेंड, जीएम ने इंक्वायरी बैठाई
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
ईमानदारी का  प्रतीक समझे जाने वाले रक्षा उत्पादन क्षेत्र से ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़े लेन-देन का खुलासा हुआ है। पता चला है कि मोटी रकम के बगैर तबादले की प्रक्रिया का बढ़ पाना मुमकिन नहीं है। इसी सिस्टम ने परेशान कर्मचारियों को और इस हद तक हलाकान किया कि उन्होंने ओएफके जीएम के सामने ही पूरा चिट्ठाखोल दिया। शिकायत पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जीएम ने एबी सेक्शन के कर्मचारी अभिजीत शर्मा को सस्पेंड कर दिया। मामले की इंक्वायरी के आदेश भी दिए गए हैं। आयुध निर्माणी खमरिया के साथ भ्रष्टाचार जैसे किसी मसले का जुडऩा बड़ी असामान्य सी बात है। यही वजह है कि मंगलवार को जब लेबर ब्यूरो कार्यालय के एक कर्मचारी को ऐसे किसी मामले में सस्पेंड किया गया तो पूरी निर्माणी में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने आरोपी कर्मचारी के कक्ष से जरूरी दस्तावेज जब्त भी कर लिए हैं। 
एक केस में एक लाख की डिमांड-  किसी भी कर्मचारी के तबादले और पदस्थापना में एलबी सेक्शन की अहम भूमिका रहती है। सूत्रों का कहना है कि संबंधित कर्मचारी पर हर मामले में एक लाख रुपए माँगने के आरोप लगाए गए हैं। सेक्शन में कई मामलों को बेवजह लंबित रखा जाता है और फिर डिमांड की जाती है। सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पहले भी इसी सेक्शन से जाँच के एक मामले में एक कर्मचारी का सर्विस रिकॉर्ड ट्रांसफर के साथ भेजा गया, जबकि दूसरे का नहीं। इस पर लेन-देन की चर्चाएँ होने लगी थीं। 
टीम ने जब्त किए दस्तावेज, शहर छोडऩे पर भी मनाही 
एलबी सेक्शन में सुबह तकरीबन 9 बजे उस वक्त हड़कंप की स्थिति बनी जब डब्ल्यूएम (प्रशासन) एनडी तिवारी अपने तीन-चार कर्मियों के साथ आरोपी कर्मचारी के पास पहुँचे। टेबल और सेल्फ पर रखी फाइलों को जब्त किया गया और आलमारियों को सील कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बगैर अनुमति के शहर छोड़कर न जाने की हिदायत भी दी गई है। इसके कुछ देर बाद सुरक्षा कर्मी एलबी कर्मचारी को गेट तक लेकर पहुँचे। 
इंटेलीजेंस रिपोर्ट में एक -
एक बात सही
 इस मामले का इनपुट सीधे जीएम को मिला। कहते हैं कि संबंधित कर्मियों ने शिकायत की थी। कहा यह भी जा रहा है कि किसी हाई प्रोफाइल कॉल के बाद प्रशासन ने अचानक तत्परता दिखाई। बहरहाल, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इनपुट मिलने के बाद इंटेलीजेंस के जरिए तफ्तीश की गई। जिस तरह के आरोप लगाए गए वे शुरूआती दौर में सच पाए गए हैं। सस्पेंशन का आदेश निकालने की भी यही वजह है। 
इनका कहना है
करप्शन से जुड़ी कुछ शिकायतें मिलने पर एलबी कर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है। जाँच भी शुरू की जा रही है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो कठोर कार्यवाही की जाएगी।
-अमित सिंह, ज्वॉइंट जीएम, ओएफके

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