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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कोयला मंत्रालय के वृक्षारोपण अभियान-2020 का किया शुभारम्भ

July 24th, 2020 16:53 IST
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कोयला मंत्रालय के वृक्षारोपण अभियान-2020 का किया शुभारम्भ

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। कोयला मंत्रालय केन्द्रीय गृह मंत्री ने कोयला मंत्रालय के वृक्षारोपण अभियान-2020 का किया शुभारम्भ प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को हकीकत बनाने के उद्देश्य से कोयले का आयात घटाकर शून्य करने की दिशा में बढ़ रहा है भारत : केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, लोकमान्य बालगंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद की आज वर्षगांठ को देखते हुए बढ़ गया है वृक्षारोपण अभियान के शुभारम्भ का महत्व; कोयला मंत्रालय से इको पार्कों और पर्यटन स्थलों का नाम लोकमान्य तिलक और चंद्रशेखर आजाद की स्मृति पर रखने के लिए भी कहा 10 राज्यों के 38 जिलों में 130 से ज्यादा स्थानों पर वृक्षारोपण के लिए मैं कोयला मंत्रालय को बधाई देता हूं : केन्द्रीय गृह मंत्री 2013-14 के 565 एमटी से बढ़कर 2019-20 में 729 एमटी हो गया है कच्चे कोयले का उत्पादन: केन्द्रीय कोयला मंत्री Posted On: 23 JUL 2020 6:19PM by PIB Delhi केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने केन्द्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी की उपस्थिति में आज यहां कोयला मंत्रालय के वृक्षारोपण अभियान का शुभारम्भ किया। अपने निवास से उद्घाटन समारोह में भाग लेते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस अभियान का शुभारम्भ किया और 6 इकोपार्क/ पर्यटन स्थलों का शिलान्यास किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोयला/ लिग्नाइट खदानों से संबंधित 10 राज्यों के 38 जिलों में 130 से ज्यादा स्थानों पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। श्री अमित शाह ने कहा, “मैं 10 राज्यों के 38 जिलों में फैले 130 से ज्यादा स्थानों पर वृक्षारोपण के लिए कोयला मंत्रालय को बधाई देता हूं।” कोयला मंत्रालय में सचिव श्री अनिल कुमार जैन, कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री बी पी पति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस वर्चुअल कार्यक्रम में 160 स्थानों से लगभग 32,000 लोग जुड़े हुए थे। सांसद, विधायक और राज्य सरकार के अधिकारियों सहित 300 से ज्यादा गणमान्य लोग वर्चुअल रूप से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से पूरा विश्व प्रभावित है और इस संकट का समाधान सिर्फ हरियाली है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति प्रकृति के दोहन पर नहीं, बल्कि इसका समर्थन किए जाने पर जोर देती है। श्री अमित शाह ने कहा, “भारतीय परम्परा का केन्द्रीय मंत्र रहा है कि हमें प्राकृतिक संसाधनों को संवारना चाहिए, न कि उनका दोहन करना चाहिए। हमने इस सिद्धांत की अनदेखी करके अपने लिए संकट पैदा किया, जिसके चलते ओजोन परत का क्षय हुआ और ओजोन होल (छिद्र) का निर्माण हुआ, जिसके चलते ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसे संकट पैदा हुए। इस समस्या का सिर्फ यही समाधान है और संतों ने पुराणों में भी उल्लेख किया है कि पेड़ मानव जाति के मित्र हैं और सिर्फ हरियाली ही हमें इस संकट से बाहर निकाल सकती है। पेड़ हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं, कार्बन के असर को कम करने में सहायता मिलती है और ओजोन परत की रक्षा होती है।” केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कोयला क्षेत्र न सिर्फ कोयले की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार है, बल्कि यह पर्यावरण की रक्षा के लिए समान रूप से संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार विभिन्न कोयला भंडार वाले क्षेत्रों में भूमि सुधार और वनीकरण को प्रोत्साहन दे रही है। श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खनन क्षेत्रों के विकास के लिए 39,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ जिला खनिज निधि (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड) की स्थापना की है और 35,000 छोटी परियोजनाएं पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तम्भ है और आने वाले समय में भी इसका महत्व बरकरार रहेगा। श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘कारोबारी सुगमता’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में कोयला मंत्रालय द्वारा कई पहल की गई गई हैं। पीएम के आत्मनिर्भर अभियान के क्रम में, भारत कोयला आयात को घटाकर शून्य करने की दिशा में बढ़ रहा है। सरकार ने 2023-24 तक एक अरब टन कोयला उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा, “कोयला पीएसयू और कैप्टिव खनन कंपनियों ने भी उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, वहीं आधारभूत निवेश योजना (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट स्कीम) के अंतर्गत 2020-24 के दौरान 1,25,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है जिसके लिए 534 परियोजनाओं की पहचान की गई है।”

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