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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय के ‘वृक्षारोपण अभियान-2020’ का शुभारंभ किया

July 24th, 2020 17:02 IST
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय के ‘वृक्षारोपण अभियान-2020’ का शुभारंभ किया

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। गृह मंत्रालय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय के ‘वृक्षारोपण अभियान-2020’ का शुभारंभ किया श्री अमित शाह ने केंद्रीय कोयला, खान एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी की उपस्थिति में 6 इको पार्क/पर्यटन स्थलों का उद्घाटन तथा शिलान्यास भी किया आज जलवायु परिवर्तन से पूरी दुनिया डरी हुई है और केवल वृक्ष ही हमें इससे बचा सकते हैं - श्री अमित शाह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए भारत कोयला आयात शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है - केंद्रीय गृह मंत्री आज स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चन्द्रशेखर आज़ाद की जयंती होने के कारण यह वृक्षारोपण अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है, कोयला मंत्रालय इको पार्क/पर्यटन स्थलों को लोकमान्य तिलक और चन्द्रशेखर आज़ाद के नाम से जोड़े - श्री अमित शाह श्री अमित शाह ने कहा इस ‘वृक्षारोपण अभियान’ के तहत 10 राज्यों के 38 जिलों में 130 से अधिक स्थानों पर 6 लाख वृक्ष लगाए जा रहे हैं, इसके लिए मैं कोयला मंत्रालय को बधाई देता हूँ Posted On: 23 JUL 2020 3:34PM by PIB Delhi केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज कोयला मंत्रालय के ‘वृक्षारोपण अभियान-2020’ का शुभारंभ किया। श्री अमित शाह ने अपने आवास पर पौधारोपण कर इस अभियान की शुरुआत की। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस मौके पर कोयला, खान एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रहलाद जोशी की उपस्थिति में 6 इको पार्क और पर्यटन स्थलों का उद्घाटन करते हुए कोयला/लिग्नाइट भंडार वाले 10 राज्यों के 38 जिलों में 130 से अधिक स्थानों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभियान का शुभारंभ किया। श्री अमित शाह ने कहा कि कोयला मंत्रालय ‘वृक्षारोपण अभियान’ से इन 130 से अधिक स्थानों पर 6 लाख वृक्ष लगायेगा, इसके लिए मैं कोयला मंत्री श्री प्रहलाद जोशी व उनके मंत्रालय को बधाई देता हूँ । श्री अमित शाह ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज जलवायु परिवर्तन से पूरी दुनिया डरी हुई है और केवल वृक्ष ही हमें इससे बचा सकते हैं। उन्होने कहा कि प्रकृति का दोहन हो, शोषण नहीं। शाश्वत सत्य यह है कि वृ़क्षों से जीवनदायिनी ऑक्सीजन मिलती है। वृक्षों से कार्बन की मात्र कम होने में मदद मिलती है, जिससे ओजोन लेयर भी सुरक्षित रहती है। श्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय ग्रंथों में भी वृक्षों को बहुत महत्व दिया गया है और मत्स्य पुराण के सूत्र के अनुसार: ’’दशकूपसमा वापी, दशवापीसमो ह्रदः। दशह्रदसमो पुत्रो, दशपुत्रसमो द्रुमः।।’’ (अर्थात – एक जलकुंड दस कुएँ के समान है। एक तालाब दस जलकुंड के बराबर है। एक पुत्र का दस तालाब जितना महत्व है और एक वृक्ष का दस पुत्रों जितना महत्व है।) श्री अमित शाह ने कहा कि आज कोयला क्षेत्र न केवल बढ़ते हुए घरेलू कोयले की मांग को पूरा करने के लिए तैयार है बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता के लिए भी उतना ही संवेदनशील है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार विभिन्न कोयला क्षेत्रों में रिक्लेमेशन और वनीकरण को बढ़ावा दे रहा है। प्रधानमंत्री ने खनिज क्षेत्रों में विकास की खाई को दूर करने तथा उनके विकास हेतु डिस्ट्रिक्ट मिनरल फण्ड का गठन किया है। इस फण्ड में अब तक 39 हजार करोड़ रुपये जमा हुए है, जिससे विकास के 35 हजार छोटे-छोटे प्रकल्प अब तक पूर्ण किये जा चुके है। श्री अमित शाह ने कहा कि कोयला भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है और भविष्य में भी इसकी भागीदारी बनी रहेगी। माननीय प्रधानमंत्री ने 18 जून को विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से कोयला भंडार वाले पाँच राज्यों के 41 कोयला ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया का शुभारंभ किया। श्री शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ईज़ आफ डूइंग बिसनेस और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में कोयला मंत्रालय ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए भारत कोयला आयात शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है । श्री अमित शाह ने यह भी कहा कि सरकार ने वर्ष 2023-24 तक एक बिलियन टन कोयला निकालने का लक्ष्य रखा है। श्री अमित शाह ने कहा कि आज का यह वृक्षारोपण कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज स्वतन्त्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चन्द्रशेखर आज़ाद की जयंती है। श्री शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक का पूरा जीवन देश को समर्पित रहा और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक भारतीय चेतना की आत्मा थे।

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