दैनिक भास्कर हिंदी: वास्को डी गामा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 3 की मौत, 7 की हालत गंभीर

November 24th, 2017

डिजिटल डेस्क, चित्रकूट। लगातार ट्रेन हादसों का गवाह बन रहे उत्तर प्रदेश में एक और हादसा हो गया। राज्य के बांदा जिले के चित्रकूट के पास मानिकपुर में वास्को डी गामा एक्सप्रेस (12741)  पटरी से उतर गई। ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से नीचे उतरे हैं। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है और 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है, वहीं 7 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मौके पर बचाव दल मौजूद है। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। इलाहाबाद से एक मेडिकल टीम भी भेज दी गई है। 


जानकारी के मुताबिक, हादसा शुक्रवार सुबह 4.18 मिनट पर हुआ जब प्लेटफॉर्म नंबर 2 से निकलने के बाद ही ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए। शुरुआती जानकारी जानकारी के अनुसार हादसे की वजह टूटी हुई पटरी है।

रेलवे ने किया मुआवजे का ऐलान

रेलवे ने रेल हादसे में मारे गए लोगों के लिए 5 लाख रुपए के मुआवाजे का ऐलान किया है। गंभीर रूप से घायलों के िलए 1 लाख रुपए और मामूली तौर पर घायलों को 50 हजार रुपए की राहत दी जाएगी।

 

 

 

 

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रेलवे के PRO अनिल सक्सेना ने कहा कि हमने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं साथ ही राहत और बचाव कार्य जारी है। वहीं चित्रकूट डीएम ने बताया कि ट्रेन वास्को डि गामा से पटना जा रही थी। एसपी प्रताप गोपेंद्र ने भी 3 लोगों की मौत की पुष्ट‍ि की है। रेलवे ने ट्वीट कर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

 

 

 

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गौरतलब है कि अगस्त महीने में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बड़ा रेल हादसा हुआ था। पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन मुजफ्फरनगर के खतौली रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतर गई थी। ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतरकर आस-पास के घरों और एक स्कूल में घुस गए थे। हादसा 19 अगस्त शनिवार की शाम 5 बजकर 46 मिनट पर हुआ था। इस हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई थी।




सागर में दो हिस्सो में बटी मालगाड़ी

इधर, कटनी से सागर की तरफ आ रही एक मालगाड़ी की कपलिंक खुलने से दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई ट्रेन पीछे नहीं आ रही थी। वरना बड़ा हादसा हो जाता। सूत्रों के मुताबिक मालगाड़ी एमटीएसएस न्यू कटनी जंक्शन से बिना गार्ड के चली थी। सागर आने के पहले गेट नंबर 27 खंभा नंबर 1050/01 पर होम सिग्नल के पास अचानक ब्रेक प्रेशर ड्राप होने लगा। चेक करने पर पता चला कि इंजन के पीछे सातवें नंबर के डिब्बे की कपलिंक खुलने से वह दो हिस्सो में बंट गई।



लोको पायलट ने इसके बाद ट्रेन को पीछे लेकर बंटे हिस्सो को जोड़ा। इसके बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। गौरतलब है कि चीफ आॅपरेटिंग मैनेजर मनोज सेठ ने दिन के समय पश्चिम मध्य रेलवे जोन में चलने वाली मालगाड़ी को बिना गार्ड चलाने का फरमान सुनाया है। आदेश के बाद मालगाड़ी में गार्ड नहीं चल रहे है। यही वजह है कि गुरूवार को लोको पायलट को पीछे ट्रेन दो हिस्सो में बंटने की जानकारी नहीं मिल पाई और इंजन सहित 6 डिब्बे आगे चले गए।