दैनिक भास्कर हिंदी: कार्यालय में शराब पीते मिले पशु चिकित्सक, कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट

December 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, सतना। कार्यालय में बैठ कर शराब पीना एक पशु चिकित्सा अधिकारी को महंगा पड़ गया। मेडिकल जांच के बाद तहसीलदार ने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का प्रस्ताव भेजा है। जानकारी के मुताबिक मझगवां विकासखंड के पशु चिकित्सालय में पदस्थ पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी नवनीत विश्वकर्मा के खिलाफ मझगवां निवासी आरके सोनी ने एसडीएम ओम नारायण सिंह से शिकायत की। कार्यालय में डॉक्टर नवनीत विश्वकर्मा बैठकर शराब पी रहे हैं। इलाज के लिए आने वाले लोगों से अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। इस सूचना के बाद एसडीएम ओम नरायण सिंह ने तहसीलदार प्रकाश कस्बे को मौके पर भेजा। जहां से डाक्टर नवनीत विश्वकर्मा को मझगवां थाने लाया गया। मझगवां स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया जहां पर डॉ. तरूणकांत त्रिपाठी ने नवनीत विश्वकर्मा का मेडिकल चेकअप किया। इसी रिर्पाट के आधार तहसीलदार ने एसडीएम कार्यालय के जरिए पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी नवनीत विश्वकर्मा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए कलेकटर कार्यालय को रिपोर्ट भेजी है।

कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट
ओम नारायण सिंह, एसडीएम मझगवां ने इस संबंध में बताया कि कार्यालय में बैठकर पशु चिकित्सक के द्वारा शराब पिए जाने की सूचना मिली थी मौके पर पहुंच कर तहसीलदार ने मामले की पुष्टि की और चिकित्सक का मेडिकल चेकअप कराया। इसी आधार कार्रवाई किए जाने की रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय भेजी है।

छेड़खानी के आरोपी को 3 साल की जेल
 नाबालिग किशोरी से सरेआम छेड़ने वाले आरोपी को एससीएसटी एक्ट की विशेष न्यायालय ने 3 साल के कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अजीत सिंह की अदालत ने आरोपी पर 2 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में अभियोजन की ओर से डीडीपी एसएल कोष्ठा ने पक्ष रखा। पीआरओ फखरुद्दीन ने बताया कि नाबालिग किशोरी 16 मई 2015 को सुबह शौच के लिए गई थी। सुबह करीब 5-6 बजे जब वह वापस आ रही थी, रास्ते में आरोपी उससे लिपट गया और छेड़खानी करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने किशोरी के साथ गाली-गलौज की और बताने पर जान से मार देने की धमकी दी।

नाबालिग ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी और 18 मई 2015 को पिता के वापस घर आने पर घटना की लिखित रिपोर्ट अमदरा थाने में दर्ज कराई। थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 354,323 पाक्सो एक्ट की धारा 7/8, एससीएसटी एक्ट की धारा 3(1)(10) का अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले का आरोप पत्र न्यायिक विचारण के लिए विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने अपराध साबित पाए जाने पर आरोपी को जेल और जुर्माने की सजा से दंडित किया है। सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने आरोपी सूरज कुमार पटेल पिता रामचरण 19 साल निवासी सोनवर्षा को अपील अवधि तक के लिए जमानत प्रदान की है।