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कौन रहना चाहेगा ऐसी जगह, आप तो हमें घर पर ही सील कर दें -क्वारंटीन सेंटर में अव्यवस्था

कौन रहना चाहेगा ऐसी जगह, आप तो हमें घर पर ही सील कर दें -क्वारंटीन सेंटर में अव्यवस्था

डिजिटलन डेस्क जबलपुर । कोरोना संक्रमित मिले लोगों के परिजनों को घर में जगह न होने पर संस्थागत क्वारंटीन करने की व्यवस्था प्रशासन ने की है। इसके लिए रांझी स्थित ग्रामोदय आवासीय विद्यालय को सेंटर बनाया गया है, लेकिन वहाँ व्यवस्थाओं के नाम पर कुछ नहीं है। संभ्रांत व सम्पन्न घरों के लोगों जिनमें बच्चे, महिलाएँ भी हैं, को प्रशासन घर में जगह होने के बाद भी जबरदस्ती यहाँ रख रहा है। जाहिर तौर पर यह संक्रमण से बचाव के बजाय उनके लिए सजा से कम नहीं है, जिनके घर में ही सदस्यों से ज्यादा कमरे हैं और जो पैसे खर्च कर होटल आदि में भी क्वारंटीन होने की इच्छा रखते हैं। रांझी के ज्ञानोदय क्वारंटीन सेंटर में बदहाली का यह आलम है कि मच्छर और कीड़े कमरों में पहुँच रहे हैं, सुविधाओं के नाम पर एक टेबल, किराए के बिस्तर ही हैं। रांझी से यहाँ पहुँचाए गए लोग तो अब अधिकारियों से यह तक कहने लगे हैं कि आप हमें हमारे घर में रखकर बाहर से दरवाजे सील कर दें। वहाँ हमारे जिंदा रहने की उम्मीद ज्यादा रहेगी यहाँ कोरोना तो बाद में होगा पहले डेंगू-मलेरिया से ही जान चली जाएगी।   प्रशासन हर तबके के लोगों को एक ही नजर से नहीं देख सकता, अभी तक वह उन लोगों को घर में क्वारंटीन करने की बात करता रहा जिनके यहाँ पर्याप्त व्यवस्था है, लेकिन अधिकारी इस पर पूरी तरह से अमल नहीं कर रहे हैं। कई पॉजिटिव मरीजों को भी घर में आइसोलेशन की अनुमति दी गई है, ऐसे में यदि किसी परिवार के सदस्य पॉजिटिव आने के बाद सुखसागर या मेडिकल में रखे गए हों तो उनके परिवार के दूसरे सदस्य, बच्चे इंस्टीट्यूशनल सेंटर में जबरदस्ती क्यों रखे जा रहे हैं।
हमें यहाँ से हटाएँ सर
 रांझी से पॉजिटिव के परिवार की महिलाएँ, बच्चे इस क्वारंटीन सेंटर में रहते हुए सजा भोग रहे हैं। वे लगातार अधिकारियों से मिन्नतें कर रहे हैं कि उन्हें घर या किसी अन्य किराए की जगह रखें जिसका भुगतान भी वे करने तैयार हैं, लेकिन अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे। 

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