दैनिक भास्कर हिंदी: रेलवे ट्रैक पर गिरी महिला, गार्ड की सूझबूझ से जान बची

June 13th, 2018

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। जाको राखे साईंया मार सके न कोय, यह कहावत मंगलवार को उस समय चरितार्थ हो गई, जब मुंबई-हावड़ा मेल में सवार होने के लिए दौड़ी एक महिला यात्री का पांव फिसल गया और देखते ही देखते वो पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच फंस कर बेहोश हो गई। महिला यात्री के ट्रेन से नीचे गिर जाने से स्टेशन पर हड़कंप मच गया। जैसे ही इसकी जानकारी ट्रेन के गार्ड को लगी तो उसने ट्रेन को रोक दिया और कोच के नीचे जाकर महिला यात्री को सुरक्षित निकाला लिया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।

जानकारी के अनुसार दोपहर 2.25 बजे मुंबई-हावड़ा मेल जब पिपरिया स्टेशन से रवाना हो रही थी, तभी जनरल डिब्बे में सवार होने के लिए लाइली सेठ ट्रेन के साथ दौड़ने लगी और ठोकर लगने से वो प्लेटफॉर्म से फिसल कर नीचे गिर गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म की दीवार और पटरी के बीच गिरते ही महिला यात्री डर के मारे बेहोश हो गई।

इस घटना को देखते ही स्टेशन पर चीख पुकार मचने लगी और किसी यात्री ने महिला के गिरने की जानकारी गार्ड एसके भगत की दी। उन्होंने तुरंत ट्रेन को रोक दिया और मौके पर पहुंचे, बड़ी सावधानी से महिला यात्री को सुरक्षित निकाला, मुंह पर पानी के छींटे मारे तब जाकर वो होश में आई। गार्ड ने तत्परता दिखाते हुए घटना की जानकारी रेल चिकित्सक को दी। डॉक्टर ने इलाज कर दवाएं दीं और लाइला को आगे गंतव्य के लिए रवाना किया।

खराब खाने को लेकर यात्रियों ने मचाया हंगामा
खराब खाना परोसने से नाराज महानगरी एक्सप्रेस के यात्रियों ने जबलपुर स्टेशन पर ट्रेन को चलने नहीं दिया, बाद में जब रेल अधिकारी ने खाने की जांच कर वेंडरों पर कार्रवाई की, तब जाकर यात्रियों का गुस्सा शांत हुआ। आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार बीती रात जब महानगरी एक्सप्रेस जबलपुर स्टेशन पहुंची और उन्हें भोजन परोसा गया तो उसमें बदबू आ रही थी। जिसे देखकर यात्रियों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर रेल अधिकारी और आरपीएफ टीआई भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने खाना खाकर देखा तो स्वाद खराब नहीं था। उनका कहना था कि खाना गर्म होने की वजह से भाप बनने के कारण खाना खराब लग रहा है। हालांकि भोजन की क्वालिटी से खिलवाड़ करने वाले वेंडरों पर कार्रवाई की गई। इस घटनाक्रम में करीब एक घंटे तक ट्रेन प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी रही।