Panna News: दम तोड़ती दमकल व्यवस्था, एक लाख की आबादी और बढ़ते क्षेत्रफल के बीच महज तीन गाडिय़ां चालू

दम तोड़ती दमकल व्यवस्था, एक लाख की आबादी और बढ़ते क्षेत्रफल के बीच महज तीन गाडिय़ां चालू
बुंदेलखंड के ऐतिहासिक शहर पन्ना में पिछले कुछ वर्षों में आबादी और क्षेत्रफल दोनों में बड़ी वृद्धि हुई है लेकिन बुनियादी सुविधाओं के मामले में प्रशासन अब भी पिछड़ता नजर आ रहा है। विशेष रूप से शहर की अग्नि सुरक्षा राम भरोसे है।

Panna News: बुंदेलखंड के ऐतिहासिक शहर पन्ना में पिछले कुछ वर्षों में आबादी और क्षेत्रफल दोनों में बड़ी वृद्धि हुई है लेकिन बुनियादी सुविधाओं के मामले में प्रशासन अब भी पिछड़ता नजर आ रहा है। विशेष रूप से शहर की अग्नि सुरक्षा राम भरोसे है। नगर पालिका सीमा विस्तार और बढ़ती जनसंख्या के बीच दमकल विभाग संसाधनों और तालमेल की कमी से जूझ रहा है जिससे किसी भी बड़ी अनहोनी की स्थिति में शहर पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

संसाधनों का अभाव, चार में से एक गाड़ी खराब

पन्ना नगर पालिका के पास वर्तमान में कुल चार दमकल गाडिय़ां उपलब्ध हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल तीन गाडिय़ां ही चालू हालत में हैं जबकि एक गाडी लंबे समय से कंडम या बंद पड़ी है। वहीं इस पूरी व्यवस्था को संभालने के लिए मात्र ०6 कर्मचारियों का स्टाफ तैनात है। कर्मचारियों की यह संख्या 24 घंटे की मुस्तैदी के लिहाज से ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

बढ़ता क्षेत्रफल, बढ़ती चुनौतियां

पिछले पंचवर्षीय परिसीमन के दौरान पन्ना शहर से लगी 6 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया था। इस विस्तार के बाद शहर की आबादी लगभग एक लाख के करीब पहुंच गई है। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड के संसाधनों में कोई इजाफा नहीं किया गया। समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब नगर पालिका की इन गाडिय़ों को शहर के साथ-साथ दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी भेजा जाता है। ऐसी स्थिति में यदि शहर के भीतर कोई आगजनी की घटना हो जाए तो दमकल के मौके पर मौजूद न रहने से भारी नुकसान की आशंका बनी रहती है।

सूचना तंत्र में भारी चूक नहीं है कोई समर्पित हेल्पलाइन

पन्ना में आगजनी की सूचना देने की प्रक्रिया भी बेहद जटिल और समय लेने वाली है। नगर पालिका ने अग्नि शमन विभाग के लिए कोई अलग टेलीफोन नंबर या हेल्पलाइन जारी नहीं की है। वर्तमान में व्यवस्था इस प्रकार है-

आम नागरिक घटना होने पर सीधे चालकों को फोन करते हैं।

चालक इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को देते हैं।

वहां से निर्देश मिलने के बाद फायर ब्रिगेड रवाना होती है।

ज्यादातर मामलों में लोग 112 नंबर डायल कर सूचना देते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में काफी कीमती समय बर्बाद हो जाता है जिससे छोटी सी आग भी विकराल रूप धारण कर लेती है।

इनका कहना है

घटना की सूचना मिलने पर तुरंत फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजा जाता है। यह सच है कि आने वाले समय में जनसंख्या वृद्धि और क्षेत्रफल बढऩे के कारण हमें और अधिक दमकल गाडिय़ों और संसाधनों की जरूरत पड़ेगी।

उमाशंकर मिश्रा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पन्ना

Created On :   22 March 2026 3:49 PM IST

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