Panna News: आशा सरकार ने मेहनत और आजीविका मिशन से बदली अपने परिवार की तकदीर

आशा सरकार ने मेहनत और आजीविका मिशन से बदली अपने परिवार की तकदीर
कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत भी रास्ता नहीं रोक सकती। पन्ना जिले के सलेहा क्षेत्र की रहने वाली आशा सरकार ने इस बात को सच कर दिखाया है।

Panna News: कहते हैं कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत भी रास्ता नहीं रोक सकती। पन्ना जिले के सलेहा क्षेत्र की रहने वाली आशा सरकार ने इस बात को सच कर दिखाया है। आर्थिक तंगी, पारिवारिक बाधाओं और पति की बीमारी जैसी कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने न केवल अपनी पढ़ाई पूरी की बल्कि आज वह अपने परिवार के लिए एक मजबूत आर्थिक स्तंभ बन चुकी हैं।

शिक्षा के लिए किया कड़ा संघर्ष

आशा जी का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनके पिता उन्हें आगे नहीं पढ़ाना चाहते थे लेकिन आशा के मन में पढऩे की तीव्र इच्छा थी। उन्होंने हार नहीं मानी और बीड़ी बनाने का काम शुरू किया। दिन भर बीड़ी बनाकर जो पैसे मिलते उससे उन्होंने अपनी शिक्षा का खर्च उठाया और स्नातक बीए की डिग्री हासिल की।

मुसीबतों का पहाड़ और स्वावलंबन की राह

विवाह के बाद भी आशा का संघर्ष खत्म नहीं हुआ। पति बेरोजगार थे और घर चलाना मुश्किल हो रहा था। इसी बीच पति का एक्सीडेंट हो गया जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर की पूरी जिम्मेदारी आशा के कंधों पर आ गई। ऐसे कठिन समय में उन्हें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का साथ मिला। उन्होंने गांव में स्व सहायता समूह एसएचजी का गठन किया और छोटी-छोटी बचत शुरू की। समूह के माध्यम से मिले ऋण की मदद से उन्होंने सबसे पहले अपने पति का इलाज कराया और फिर परिवार की आजीविका के लिए एक मोटर साइकिल खरीदी।

आज बनीं दूसरों के लिए प्रेरणा

आशा ने रुकने के बजाय मेहनत जारी रखी। उन्होंने समूह से 50000 का ऋण लेकर अपनी किराने की दुकान शुरू की और खेती-किसानी के काम को भी आगे बढ़ाया। उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि आज उनकी मासिक आय 8 से 10 हजार रुपये है। वह न केवल अपना घर अच्छे से चला रही हैं बल्कि अपने दोनों बच्चों को भी निजी स्कूल में अच्छी शिक्षा दिला रही हैं।

आजीविका मिशन को दिया श्रेय

अपनी सफलता का श्रेय आशा ने आजीविका मिशन और अपने समूह को देती हैं। उनका कहना है कि मिशन ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाया बल्कि समाज में एक नई पहचान और सम्मान भी दिलाया। आज वह समाज की अन्य महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की एक नई मिशाल बन गई हैं।

इनका कहना है

मेरा सपना है कि मेरे बच्चे पढ़-लिखकर ऊंचे मुकाम पर पहुंचें। जो मुश्किलें मैंने झेली हैं वह उन्हें न देखनी पड़ें। आजीविका मिशन ने मेरे अंधेरे जीवन में रोशनी भरने का काम किया है।

आशा सरकार

Created On :   9 March 2026 1:46 PM IST

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