शहडोल न्यूज: आपत्ति के बाद भी मिलती है एनओसी, इस बार ऐसा होगा पर कंपनी नहीं चलने देंगे

गांव के लोगों की यही मांग है कि इस प्लांट की क्षमता बढ़ाने के बजाए इसे बंद करवा दिया जाए

डिजिटल डेस्कअनूपपुर/शहडोल देवहरा से अमरकंटक रोड स्थित धिरौल-पटनाकला में संचालित मेसर्स आदिनाथ कोल बेनिफिकेशन प्रालि. कोलवासरी की क्षमता एक एमपीटीपीए से बढ़ाकर 2 एमपीटीपीए किए जाने को लेकर बुधवार को लोक सुनवाई हुई। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) और अनूपपर जिला प्रशासन की मौजूदगी में आयोजित लोक सुनवाई में देवहरा, पटनाकला व धिरौल के ग्रामीण व युवाओं ने दो टूक कहा कि हर बार लोकसुनवाई में आपत्ति के बाद भी प्रशासन और एमपीपीसीबी के अधिकारी एनओसी दे देते हैं और इस बार भी ऐसा ही होगा। लेकिन इस बार ग्रामीणों की कड़ी आपत्ति के बाद भी कंपनी को एनओसी मिली तो प्रबंधन को प्लांट चलाना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि कंपनी ने एक एमपीटीपीए क्षमता की प्लांट चलाने के दौरान जितनी मनमानी की है, उससे तीनों गांव के हजारों लोग परेशान हैं। कंपनी की मनमानी को लेकर हर बार आपत्ति दर्ज करवाने के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया और अब कंपनी की क्षमता बढ़ाने की बात हो रही है तो गांव के लोगों की यही मांग है कि इस प्लांट की क्षमता बढ़ाने के बजाए इसे बंद करवा दिया जाए। क्योंकि प्रदूषण नियंत्रण में प्रबंधन द्वारा जरा भी ध्यान नहीं दिए जाने के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। पीने के लिए शुद्ध पानी लेकर तमाम ऐसी समस्याएं हैं, जिससे आसपास के गांव के लोग बेहद परेशान हैं। लोक सुनवाई में शामिल तथ्यों को सुनने के बाद एमपीपीसीबी के आरओ डॉ. अशोक तिवारी और अनूपपुर अपर कलेक्टर बलबीर रमण ने लोक सुनवाई में आए तथ्यों को उपर भेजने की बात कही।

Created On :   20 Aug 2026 4:14 PM IST

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