दैनिक भास्कर हिंदी: कश्मीर प्रीमियर लीग को लेकर हर्शल गिब्स, पीसीबी ने भारतीय बोर्ड की आलोचना की, बीसीसीआई ने लगाई फटकार

July 31st, 2021

हाईलाइट

  • बीसीसीआई की हर्शल गिब्स और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को फटकार
  • गिब्स ने कहा था कि इंडियन बोर्ड उन्हें केपीएल में खेलने से रोकने की कोशिश कर रहा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज हर्शल गिब्स और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को फटकार लगाई है। बीसीसीआई की यह प्रतिक्रिया गिब्स के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने इंडियन बोर्ड की आलोचना की थी। गिब्स ने कहा था कि इंडियन बोर्ड उन्हें कश्मीर प्रीमियर लीग में खेलने से रोकने की कोशिश कर रहा है। उनपर दबाव बनाया जा रहा है कि अगर वह इस लीग में शामिल होते है तो उन्हें भविष्य में भारत में किसी भी प्रकार की क्रिकेट एक्टिविटी में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा। गिब्स के इस दावे के बाद पीसीबी भी भारत के रुख की आलोचना कर रहा है। 

क्या कहा बीसीसीआई अधिकारी ने?
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि इंडियन बोर्ड देश में क्रिकेटिंग इकोसिस्टम के संबंध में अपने निर्णय लेने का अधिकार रखता है। उन्होंने कहा, इंडियन क्रिकेटिंग इकोसिस्टम की क्रिकेटिंग ऑपरच्यूनिटी को लेकर ग्लोबल डिमांड है। पीसीबी को इससे ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, जिस तरह से पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को आईपीएल में भाग लेने की अनुमति नहीं देने का अधिकार बीसीसीआई के पास है उसी तरह वह भारत के भीतर क्रिकेट से जुड़े अन्य फैसले भी ले सकता है। यह पूरी तरह से बीसीसीआई का आंतरिक मामला है।

अधिकारी ने यह भी कहा कि पीसीबी चाहे तो इस मामले को आईसीसी के साथ उठा सकता है, लेकिन अंत में, सभी को पता है कि पाकिस्तान बोर्ड इस तरह का व्यवहार क्यों कर रहा है? उन्होंने कहा, पीसीबी को खुद से ये सवाल पूछने की जरुरत है कि क्या यह उनके कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप के कारण है क्योंकि पाकिस्तान के संविधान के अनुसार उनके पीएम इमरान खान आधिकारिक तौर पर उनके संरक्षक हैं। यह विचार करने का समय है कि क्या इस मुद्दे को आईसीसी में उठाया जाना चाहिए।

क्या कहा था हर्शल गिब्स ने?
हर्शल गिब्स ने अपने ट्वीट में लिखा था, 'यह बिल्कुल बेवजह है कि बीसीसीआई पाकिस्तान के साथ अपना राजनीतिक एजेंडा बीच में ला रहा है और मुझे कश्मीर प्रीमियर लीग में खेलने से रोकने की कोशिश कर रहा है। साथ ही मुझे धमकी देते हुए कहा गया है कि वे मुझे क्रिकेट से जुड़े किसी भी काम के लिए भारत में प्रवेश नहीं देंगे। उनका यह रवैया अच्छा नहीं है।' गिब्स ने कहा कि बीसीसीआई ने यह संदेश दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख ग्रीम स्मिथ को दिया है। स्मिथ ने उन्हें इसके बारे में बताया। 

क्या कहा था राशिद लतीफ़ ने? 
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ़ ने भी बीसीसीआई पर ऐसे ही आरोप लगाए थे। लतीफ ने ट्विटर पर लिखा, 'बीसीसीआई ने क्रिकेट बोर्डों को चेतावनी दी है कि अगर कश्मीर प्रीमियर लीग में पूर्व खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया तो उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. गिब्स, दिलशान और मॉन्टी पानेसर समेत कई खिलाड़ी केपीएल के लिए चुने गए हैं।' वहीं कश्मीर प्रीमियर लीग के डायरेक्टर क्रिकेट ऑपरेशन्स, तैमूर ख़ान ने कहा कि उन्होंने कुछ खिलाड़ियों से बात की है, जिन्होंने भारत की ओर से दबाव का ज़िक्र किया है।

क्या कहा पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हफ़ीज़ ने?
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हफ़ीज़ चौधरी ने ट्विटर पर एक बयान जारी कर लिखा, 'भारत द्वारा क्रिकेट के राजनीतिकरण की निंदा की जानी चाहिए. युवा कश्मीरी खिलाड़ियों को क्रिकेट के बल्ले और गेंद के बड़े नामों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने के अवसर से वंचित करना दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक है।' वहीं पाकिस्तानी मंत्री चौधरी फवाद ख़ान ने लिखा, 'यह पहली बार नहीं है जब मोदी सरकार ने अपनी राजनीति के लिए क्रिकेट की क़ुर्बानी दी है। हर्शल गिब्स पर कश्मीर लीग में भाग न लेने का दबाव एक पुरानी प्रथा का हिस्सा है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। इससे कोई नुक़सान नहीं होगा, सिर्फ फ़ायदा होगा।'

छह अगस्त से शुरू होगी कश्मीर प्रीमियर लीग
बता दें कि कश्मीर प्रीमियर लीग पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त एक टी-20 टूर्नामेंट हैं। इसमें छह टीमें हिस्सा लेंगी - रावलकोट हॉक्स, कोटली लायंस, मीरपुर रॉयल्स, मुजफ्फराबाद टाइगर्स, ओवरसीज़ वॉरियर्स और बाग स्टैलियन। हर टीम में एक विदेशी खिलाड़ी शामिल है। इसके अलावा शाहिद अफरीदी, मोहम्मद हाफ़िज़, शोएब मलिक, फखर जमान, शादाब ख़ान जैसे पाकिस्तान के जाने माने चेहरे भी इन टीमों का हिस्सा हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुज़फ़्फ़राबाद क्रिकेट स्टेडियम में इन टीमों के बीच 10 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट छह अगस्त से शुरू होकर और 17 अगस्त तक चलेगा।

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