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गांगुली और द्रविड़ की कल होगी मीटिंग, भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल करने पर होगी चर्चा

गांगुली और द्रविड़ की कल होगी मीटिंग, भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल करने पर होगी चर्चा

हाईलाइट

  • गांगुली और द्रविड़ क्रिकेट की मौजूदा जरूरतों और एनसीए में सुधार को लेकर बुधवार को बेंगलुरु में एक मीटिंग करेंगे
  • भारतीय क्रिकेट में भविष्य की योजनाओं को लेकर राहलु द्रविड़ ने तैयार किया है रोडमैप (खाका)

डिजिटल डेस्क। टीम इंडिया में लंबे समय तक साथी खिलाड़ी रहे सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ एक बार फीर साथ नजर आएंगे। बीसीसीआई अध्यक्ष गांगुली और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के प्रमुख द्रविड़ अब भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल करने के उद्देश्य से एक साथ काम करेंगे। दोनों दिग्गज देश में क्रिकेट की जरूरतों का रोडमैप (खाका) तैयार करने के लिए बुधवार को बेंगलुरु में एक मीटिंग करेंगे।

द्रविड़ ने जुलाई में एनसीए प्रमुख का कार्यभार संभाला था। उन्होंने इस संस्था के लिए भविष्य की योजना का रोडमैप (खाका) तैयार कर रखा है। गांगुली ने कहा, हां, मेरी योजना एनसीए को पुनर्जीवित करने की है और मैं 30 अक्टूबर को बेंगलुरु जा रहा हूं। अब पूर्व कप्तानों के बीच जब यह मुलाकात होगी, तब द्रविड़ के रोडमैप में गांगुली भी अपने इनपुट्स देंगे। 

इस बैठक में बीसीसीआई के सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारी भाग लेंगे, जिन्होंने 23 अक्टूबर को कार्यभार संभाला है। बैठक में एनसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तूफान घोष भी शामिल होंगे। गांगुली और द्रविड़ पहले भी बीसीसीआई की तकनीकी समितियों का एक साथ हिस्सा रह चुके है। ऐसी ही एक बैठक की अध्यक्षता गांगुली ने की थी, जबकि द्रविड़ ने उसमें इंडिया अंडर-19 और इंडिया A टीम के मुख्य कोच के तौर पर भाग लिया था।

एनसीए को भारतीय क्रिकेट की 'सप्लाई लाइन' माना जाता है लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह रिहैबिलिटेशन केंद्र सा बन गया है। गांगुली ने भी अध्यक्ष बनने के बाद इस बात को माना। ऐसी संभावना है कि गांगुली एनसीए की नई परियोजना की जानकारी लेंगे, जिसे विकसित किया जा रहा है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया,'गांगुली और द्रविड़ एनसीए की भविष्य की योजना और उसके सामने आने वाले मुद्दों पर चर्चा करेंगे।'

यह भी देखना होगा कि नए अध्यक्ष प्रतिबंध से वापसी कर रहे पृथ्वी साव जैसे खिलाड़ियों की रिहैबिलिटेशन योजना के अलावा जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या के स्ट्रेंथ और अनुकूलन कार्यक्रम पर कितनी दिलचस्पी लेते हैं। दिग्गज खिलाड़ी वीवीएस लक्ष्मण और राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री को भारतीय क्रिकेट के दो बड़े खिलाड़ियों की मुलाकात से काफी उम्मीदें है।

लक्ष्मण ने पिछले सप्ताह कहा था,'अगर आप मुझसे एक चीज पूछेंगे तो मेरी दिलचस्पी इस बात पर होगी कि सौरव (गांगुली) NCA को कैसे पुनर्जीवित करते है। इस भारतीय टीम की मजबूती इसके बेंच स्ट्रेंथ के कारण है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।