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38 के हुए वर्ल्डकप फाइनल मैचों के स्पेशलिस्ट बैट्समैन गंभीर

38 के हुए वर्ल्डकप फाइनल मैचों के स्पेशलिस्ट बैट्समैन गंभीर

हाईलाइट

  • 2007 के टी-20 और 2011 विश्वकप के फाइनल में खेली थी यादगार पारी
  • न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में 13 घंटे क्रीज पर बिताने के बाद खेली गई 136 रन की पारी
  • अब भाजपा की ओर से लोकसभा में सांसद और एक्टिव लीडर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टीम इंडिया के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक और भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा सांसद गौतम गंभीर आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 14 अक्टूबर 1981 में हुआ था। गंभीर उन प्लेयर्स में हैं, जिन्होंने मुसीबत के समय हमेशा बेहतरीन पारी खेलकर टीम इंडिया को संकट से उबारा। गौतम गंभीर को हमेशा आईसीसी के टूर्नामेंटों के फाइनल मैच में बेहतरीन पारी खेलने के लिए पहचाना जाता है। 

वे उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने विश्वकप 2011 के फाइनल में अपने जीवन की एक सबसे बेहतरीन पारी खेली थी। इतना ही नहीं उन्होंने 2007 के टी-20 विश्वकप के फाइनल में मैच विनिंग पारी खेली थी। ऐसी ही एक पारी गंभीर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्हीं की धरती पर खेली थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में 13 घंटे क्रीज पर बिताने के बाद खेली गई 136 रनों की पारी टेस्ट क्रिकेट में हमेशा याद रखी जाएगी। इस पारी की बदौलत गंभीर ने टीम इंडिया को हार से बचा लिया ​था।

2007 और 2011 विश्वकप के हीरो रहे

गंभीर ने साल 2011 के विश्वकप फाइनल मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ हुए उस वक्त डटकर बल्लेबाजी की थी, जब टीम के सभी स्टार खिलाड़ी एक के बाद एक पवेलियन लौट गए थे। 275 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। सहवाग और सचिन जल्द आउट हो गए थे। इसके बाद गंभीर ने एक छोर थामे रखा। उन्होंने 122 गेंदों पर बहुमुल्य 97 रनों की पारी खेली और टीम को विश्वकप जीताने में अहम योगदान निभाया। इससे पहले 2007 के टी-20 विश्वकप फाइनल में गंभीर ही थे जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 75 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। वे टीम की ओर से सर्वाधिक स्कोर करने वाले प्लेयर थे। 

गंभीर का रिकॉर्ड 

गंभीर ने भारत के लिए 58 टेस्ट मैचों में 4158 रन बनाए हैं। उन्होंने 147 वनडे में 5238 रन बनाए हैं। गंभीर ने 37 टी-20 मैच भी खेले हैं, जिसमें उन्होंने 932 रन बनाए हैं। उन्होंने कुल 20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं। इसके अलावा गंभीर आईपीएल में सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं। उनकी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने दो बार खिताब जीता है।

सलामी जोड़ी के रूप में सबसे ज्यादा रन

गंभीर ने सहवाग के साथ मिलकर पारी की शुरुआत करते हुए 87 पारियों में 4412 रन बनाए, जो की किसी भी भारतीय सलामी जोड़ी से ज्यादा है। इस दौरान 4000 रन बनाने वाले साझेदारों में गंभीर-सहवाग का औसत 52.52 रहा जो सबसे ज्यादा है।

विवियन रिचर्ड्स के रिकॉर्ड की बराबरी
साल 2010 में ही गौतम गंभीर ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। गौतम गंभीर ने उस रिकॉर्ड के साथ ही विवियन रिचर्ड्स के रिरिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। गौतम गंभीर ने लगातार 11 टेस्ट मैचों में 11 अर्धशतक लगाए और विवियन रिचर्ड्स के बाद ऐसा करने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन गए।

लगातार शतकों का रिकॉर्ड
साल 2010 में गंभीर ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया जो हर खिलाड़ी के लिए एक सपना होता है। 2010 में गंभीर 5 टेस्ट मैच में लगातार पांच शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए और दुनिया के पांचवें खिलाड़ी जिन्होंने ये कारनामा किया हो। गौतम गंभीर ने लगातार पांच टेस्ट में पांच शतक लगाकर सबको अपना मुरीद बना दिया था।

राजनीति के पिच पर उतरे
अब गंभीर क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और राजनीति के पिच पर आ गए हैं। उन्होंने हाल में हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से एक पूर्वी दिल्ली सीट से जीत हासिल की। इस सीट पर उन्होंने कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली को 3.91 लाख वोटों से शिकस्त दी।

सोशल मीडिया पर बधाईयों का तांता लगा
टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों ने गौतम गंभीर को उनके जन्मदिन पर बधाई दी है। चेतेश्वर पुजारा से लेकर इरफान पठान तक ने उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।