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IND vs ENG 3rd Test: पहले दिन 13 विकेट गिरे, अक्षर-अश्विन के कमाल से इंग्लैंड 112 पर ढेर, भारत ने 99 रन पर गंवाए 3 विकेट

IND vs ENG 3rd Test: पहले दिन 13 विकेट गिरे, अक्षर-अश्विन के कमाल से इंग्लैंड 112 पर ढेर, भारत ने 99 रन पर गंवाए 3 विकेट

हाईलाइट

  • रोहित-कोहली ने टीम को संभाला
  • 7 इंग्लिश बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके
  • 3 तरह की बॉल से डे-नाइट टेस्ट खेलने वाली इंग्लैंड अकेली टीम

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। भारत और इंग्लैंड के बीच अहमदाबाद में मोटेरा के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पिंक बॉल डे-नाइट टेस्ट मैच खेला जा रहा है। बुधवार को मैच के पहले दिन 13 विकेट गिरे। इसमें से 10 विकेट स्पिनर्स को मिले। आज गिरे भारत के तीन में से दो विकेट इंग्लिश स्पिनर जैक लीच ने लिए तो इससे पहले अक्षर और अश्विन ने मिलकर 10 में से नौ अंग्रेजों को आउट किया। इससे पहले लेफ्ट आर्म स्पिनर अक्षर पटेल और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड की पहली पारी 112 पर समेट दी। इसके जवाब में भारत ने 3 विकेट खोकर 99 रन बना लिए हैं और वह अभी इंग्लैंड के स्कोर से 13 रन पीछे है। रोहित शर्मा 82 बॉल पर 57 रन बनाकर नाबाद हैं। रोहित के करियर की यह 12वीं टेस्ट फिफ्टी है। उनके साथ अजिंक्य रहाणे एक रन बनाकर नाबाद हैं।

इससे पहले इंग्लैंड के कप्तान जोए रूट ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उनके फैसले को गलत साबित कर दिया। इंग्लैंड की तरफ से सलामी बल्लेबाज जैक क्रावली ने 84 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से सर्वाधिक 53 रन बनाए। भारत की ओर से अक्षर ने 38 रन देकर छह विकेट, अश्विन ने 26 रन देकर तीन विकेट और अपना 100वां टेस्ट खेल रहे तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने 26 रन देकर एक विकेट लिया।

रोहित-कोहली ने टीम को संभाला
पहली पारी में सधी शुरुआत के बाद टीम इंडिया ने लगातार 2 ओवर (15वें और 16वें) में 2 विकेट गंवा दिए। ओपनर शुभमन गिल 11 रन बनाकर आउट हुए। जोफ्रा आर्चर की बॉल पर जैक क्राउली ने उनका विकेट लिया। इसके बाद चेतेश्वर पुजारा खाता भी नहीं खोल सके और स्पिनर जैक लीच ने उन्हें LBW किया। ओपनर रोहित शर्मा ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने विराट कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 100 बॉल पर 64 रन की पार्टनरशिप कर टीम को संभाला। कोहली 27 रन बनाकर जैक लीच की बॉल पर क्लीन बोल्ड हो गए।

7 इंग्लिश बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके
1.32 लाख दर्शकों की क्षमता वाले नए बने इस स्टेडियम में पहली बार इंटरनेशनल मैच खेला जा रहा है। पहली पारी में इंग्लैंड के लिए 7 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। इनमें जॉनी बेयरस्टो और ओपनर डॉम सिबली शून्य पर आउट हुए। भारत में पहली बार टेस्ट खेल रहे जैक क्राउली ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाए। करियर का दूसरा टेस्ट खेल रहे स्पिनर अक्षर पटेल ने 6 विकेट लिए। इनके अलावा रविचंद्रन अश्विन ने 3 विकेट लिए। अक्षर ने लगातार दूसरी पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट झटके। पिछले टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 5 विकेट लिए थे।

अक्षर ने 6 विकेट लेकर मध्यक्रम ढहाया
स्पिनर अक्षर पटेल ने 6 विकेट लेकर इंग्लैंड के मिडिल ऑर्डर को ढहाया। उन्होंने मैच के 7वें ओवर में इंग्लिश टीम को दूसरा झटका दिया। उन्होंने जॉनी बेयरस्टो को LBW किया। अक्षर ने जैक क्राउली को 53 रन पर LBW किया। क्राउली के करियर की यह चौथी टेस्ट फिफ्टी रही। भारतीय स्पिनर ने बेन स्टोक्स (6) को भी LBW किया। उन्होंने जोफ्रा आर्चर और स्टुअर्ट ब्रॉड को आउट किया। आखिर में बेन फोक्स को क्लीन बोल्ड किया।

अश्विन ने 3 विकेट लिए
स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 3 विकेट लिए। उन्होंने इंग्लिश टीम को तीसरा झटका देते हुए कप्तान जो रूट को 17 रन पर LBW किया। अश्विन ने ओली पोप (1 रन) को क्लीन बोल्ड किया। इसके बाद इंग्लैंड को 8वां झटका देते हुए जैक लीच को कैच आउट कराया।

3 तरह की बॉल से डे-नाइट टेस्ट खेलने वाली इंग्लैंड अकेली टीम
इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली 3 तरह की गेंदों SG, कूकाबुरा और ड्यूक से डे-नाइट टेस्ट खेलने वाली दुनिया की पहली टीम है। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और वेस्टइंडीज ने 2, जबकि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका ने सिर्फ 1 ही तरह की गेंद से टेस्ट खेला है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।