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गांगुली को भरोसा, तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा बांग्लादेश क्रिकेट टीम का भारत दौरा

गांगुली को भरोसा, तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा बांग्लादेश क्रिकेट टीम का भारत दौरा

हाईलाइट

  • सौरभ गांगुली ने कहा, बांग्लादेश क्रिकेट टीम के भारत दौरे में कोई समस्या नहीं आएगी
  • बांग्लादेश क्रिकेट टीम का दौरा तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा
  • बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने दूसरे टेस्ट मैच में शिरकत करने के लिए हामी भर दी है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बीसीसीआई के नए अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने बुधवार को कहा है कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम के भारत दौरे में कोई समस्या नहीं आएगी और यह दौरा तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा। गांगुली ने बताया कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कोलकाता में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में शिरकत करने के लिए हामी भर दी है।

गांगुली ने बीसीसीआई अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, यह उनका आंतरिक मामला है। लेकिन, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह कोलकाता में होने वाले टेस्ट मैच में आएंगी। अगर उन्होंने अपनी रजामंदी दी है तो मुझे नहीं लगता राष्ट्रीय टीम के दौर में कोई परेशानी होगी।

कोलकाता में 22 से 26 नवंबर के बीच भारत और बांग्लादेश के बीच दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा। गांगुली ने कहा कि उन्होंने इस मैच के लिए शेख हसीना को आमंत्रण भेजा था।

बांग्लादेश के भारत दौरे पर इसलिए सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं क्योंकि वहां के खिलाड़ी हड़ताल पर चले गए हैं। हालांकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष नजमुल हसन ने मंगलवार को कहा था कि भारत का दौरा तय कार्यक्रम के मुताबिक आयोजित किया जाएगा।

बांग्लादशी खिलाड़ियों ने बोर्ड के सामने 11 मांगें रखी हैं। खिलाड़ियों की प्रमुख मांग में ढाका प्रीमियर लीग में पेमेंट स्ट्रक्चर और प्रैक्टिस फैसिलिटी में सुधार है। बोर्ड ने हाल ही में एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया है कि बांग्लादेश प्रीमियर लीग में हिस्सा लेने वाली हर टीम को कम से कम एक लेग स्पिनर प्लेइंग-11 में रखना होगा। इसी आदेश के बाद विवाद शुरू हुआ।

बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने कहा, 'बीसीबी जिस तरह का व्यवहार कर रहा है, उससे क्रिकेटर्स पर दबाव बढ़ेगा। इससे असल खेल प्रभावित होगा। हम कई साल से बिना किसी लेग स्पिनर के सीनियर टीम खिला रहे हैं। अचानक बोर्ड कहता है कि बीपीएल की सात टीमों में सात लेग स्पिनर होना चाहिए।'

उन्होने कहा 'मेरे हिसाब से किसी भी लेग स्पिनर को निरंतरता और बेहतर बनने के लिए घरेलू क्रिकेट में लंबी गेंदबाजी करनी चाहिए। बीपीएल इंटरनेशनल लेवल का टूर्नामेंट है। यहां वही हालात होते हैं जो आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देखते हैं। यहां विदेशी क्रिकेटर्स भी आते हैं। यहां आकर आप कोई खिलाड़ी नहीं बना सकते।'

बांग्लादेश की टीम का भारत दौरा 3 नवंबर से शुरू हो रहा है। बांग्लादेश को भारत दौरे पर तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेलनी है। इसके बाद दोनों टीमें दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेंगी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।