दैनिक भास्कर हिंदी: रायडू के संन्यास पर बोले गंभीर , यह भारतीय क्रिकेट के लिए बुरा समय

July 4th, 2019

हाईलाइट

  • तीन शतक और 10 अर्धशतक लगाने के बावजूद अगर एक खिलाड़ी को संन्यास लेना पड़ता है तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए बुरा समय है - गौतम गंभीर
  • अंबाती रायडू ने वर्ल्डकप में ना खेल पाने के चलते लिया क्रिकेट से संन्यास
  • चयनकर्ता ही हैं रायडू के संन्यास लेने का कारण - गौतम गंभीर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंबाती रायडू के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने चयनकर्ताओं को इसका जिम्मेदार बताते हुए आड़े हाथों लिया है। गंभीर ने कहा कि चयनकर्ताओं के नजरअंदाज किए जाने के कारण ही रायडू ने संन्यास की घोषणा की है। भारतीय चयनकर्ताओं ने विश्व कप के लिए रिजर्व खिलाड़ी होने के बावजूद रायडू को शिखर धवन और विजय शंकर के चोटिल होने के बावजूद उन्हें टीम में मौका नहीं किया। धवन की जगह ऋषभ पंत और विजय शंकर की जगह मयंक अग्रवाल को टीम में जगह मिली है।

गंभीर ने रायडू के संन्यास पर कहा है, 'मेरे अनुसार, इस विश्व कप में चयनकर्ता पूरी तरह से निराश होंगे। रायडू का संन्यास लेने का कारण वे ही हैं। रायडू के संन्यास पर निराशा जाहिर करते हुए गंभीर ने कहा, पांच चयनकर्ताओं ने मिलकर उतने रन ही बनाए होंगे, जितने की रायडू ने अपने करियर में बनाए हैं। उनके संन्यास लेने से मैं पूरी तरह से निराश हूं।'   

गंभीर ने कहा कि, विश्व कप में चोटों के बीच ऋषभ पंत और मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया गया। रायडू की जगह कोई भी होता तो उन्हें बुरा लगता। उनके जैसे क्रिकेटर ने आईपीएल और देश के लिए अच्छा किया है। गौतम गंभीर ने आगे कहा है कि, तीन शतक और 10 अर्धशतक लगाने के बावजूद अगर एक खिलाड़ी को संन्यास लेना पड़ता है तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए बुरा समय है। 

बता दें कि, अंबाती रायडू ने अब तक भारत के लिए 55 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 47.05 के औसत से 1694 रन बनाए हैं। उन्होंने तीन शतक और 10 अर्धशतक भी बनाए हैं।