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Bhaskar Special: इस पाकिस्तानी क्रिकेटर ने 16 घंटे बल्लेबाजी कर रचा था इतिहास, इतनी देर में हो जाते हैं 11 फुटबॉल मैच

Bhaskar Special: इस पाकिस्तानी क्रिकेटर ने 16 घंटे बल्लेबाजी कर रचा था इतिहास, इतनी देर में हो जाते हैं 11 फुटबॉल मैच

हाईलाइट

  • 1958 में आज ही के दिन 23 जनवरी को क्रिकेट के इतिहास में एक नई कहानी लिखी गई थी।
  • टेस्ट इतिहास की सबसे लंबी पारी
  • भारत के खिलाफ 51 रनों की पारी खेली थी।

डिजिटल डेस्क ( भोपाल)।  1958 में आज ही के दिन 23 जनवरी को क्रिकेट के इतिहास में एक नई कहानी लिखी गई थी। दरअसल, पाकिस्तानी क्रिकेटर हनीफ मोहम्मद ने आज ही के दिन 16 घंटे बल्लेबाजी कर एक नया इतिहास लिखा था। हनीफ पाकिस्तान क्रिकेट के पहले "लिटिल मास्टर" सितारे थे, जिन्होंने टेस्ट इतिहास में सबसे लंबी पारी 1958 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में खेली थी। उन्होंने क्रीच पर 970 मिनट बल्लेबाजी की और 337 रन बनाए थे, इतने समय में फुटबॉल के 11 मैच हो सकते हैं। हनीफ की इस पारी की बदौलत ही पाकिस्तान यह मैच बचाने में सफल रहा था। 

 
हनीफ मोहम्मद का जन्म 1934 में भारत के गुजरात राज्य के जूनागढ़ में हुआ था, लेकिन बंटवारे के वक्त हनीफ मोहम्मद का परिवार पाकिस्तान चला गया और 2016 में कराची में 81 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। हनीफ मोहम्मद ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू 1952 में भारत के खिलाफ नई दिल्ली के मैदान पर किया था। अपने डेब्यू मैच में ही उन्होंने भारत के खिलाफ 51 रनों की पारी खेली थी। वह मूलतः विकेटकीपर बल्लेबाज थे। 

हनीफ की 337 रनों की पारी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी पारी है। 1958 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में पाकिस्तान की हार निश्चित लग रही थी, लेकिन हनीफ मैच ड्रा कराने में सफल रहे। दरअसल,  वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 579 रन बनाए थे। जवाब में पाकिस्तान की टीम महज 106 रनों पर आलआउट हो गई थी। वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान को फॉलोऑन खिलाया और दूसरी पारी में 473 से पीछे चल रही पाकिस्तान की हार निश्चित लग रही थी। इसके बाद दूसरी पारी में ओपनिंग करने आए हनीफ मोहम्मद ने 337 रनों की पारी खेली, जिसमें उन्होंने 24 चौंके लगाए और एक भी छक्का नहीं मारा। इस तरह उनकी पारी की बदौलत पाकिस्तान ने 8 विकेट गवां कर 657 रन बनाए और मैच ड्रा हो गया। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।