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युवराज ने कहा- 2007 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की कप्तानी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन फिर एमएस धोनी के नाम की घोषणा की गई

June 10th, 2021 22:49 IST
युवराज ने कहा- 2007 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की कप्तानी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन फिर एमएस धोनी के नाम की घोषणा की गई

हाईलाइट

  • इंडिया के कैप्टन बनना चाहते थे युवराज
  • युवराज ने कहा- उम्मीद थी कि 2007 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए कप्तान बनाया जाएगा
  • महेंद्र सिंह धोनी को जिम्मेदारी दे दी गई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। युवराज सिंह को देश के लिए कई मैच जीताने वाले प्रदर्शनों के कारण भारत के महानतम क्रिकेटरों में से एक माना जाता है। युवराज के कई फैन्स उम्मीद कर रहे थे कि वो एक दिन टीम इंडिया की कमान संभालेंगे, लेकिन क्रिकेट बोर्ड ने युवराज की अनदेखी करते हुए एमएस धोनी को कप्तान बना दिया। 22 यार्न्स पॉडकास्ट में गौरव कपूर से बात करते हुए युवराज ने कहा कि धोनी को 2007 में कप्तानी दिए जाने से पहले उन्हें उम्मीद थी कि कप्तानी उन्हें मिलेगी।

युवराज सिंह ने कहा, 'तो मूल रूप से भारत 50 ओवर का विश्व कप हार गया था? भारतीय क्रिकेट में काफी उथल-पुथल थी और फिर इंग्लैंड का दो महीने का दौरा था। बीच में साउथ अफ्रीका और आयरलैंड का भी एक महीने का टूर था। फिर टी20 विश्व कप का एक महीना था, यानी करीब चार महीने घर से बाहर रहना था।' युवराज  ने कहा, 'इसलिए शायद सीनियर्स को लगा कि उन्हें ब्रेक की जरूरत है और जाहिर तौर पर किसी ने भी टी 20 वर्ल्ड कप को गंभीरता से नहीं लिया। मैं टी 20 विश्व कप में भारत की कप्तानी करने की उम्मीद कर रहा था और फिर यह घोषणा की गई कि एमएस धोनी कप्तान होंगे।'

धोनी को कप्तान बनाए जाने के बाद उनके साथ अपने रिश्ते को लेकर युवराज ने कहा, 'जाहिर तौर पर जो कोई भी कप्तान बनता है, आपको उस व्यक्ति को सपोर्ट करना होता है। चाहे वह द्रविड़ हो, सौरव गांगुली हो या कोई भी कप्तान हो। दिन के अंत में आप एक टीम मैन बनना चाहते हो और मैं ऐसा ही था।' युवराज ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के साथ हुई बहस का भी जिक्र किया। युवी ने कहा कि मुझे याद है कि मैंने फ्लिंटॉफ को दो चौके जड़े और जाहिर है कि उसे यह पसंद नहीं आए। फ्लिंटॉफ ने कहा, 'यहां आ, मैं तेरी गर्दन तोड़ दूंगा। इस पर मैंने जवाब दिया, 'तुम जानते हो कि मेरा बल्ला कहां वार करेगा।' और फिर युवराज ने एक ही ओवर में 6 छक्के जड़ दिए। 

बता दें कि 2007 वर्ल्ड कप युवराज सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी। युवराज ने वर्ल्ड कप में कई अहम पारियां खेली थी। इन पारियों की बदौलत ही टीम इंडिया फाइनल में अपने जगह बनाने में कामयाब हो सकी थी। इस टूर्नामेंट में युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे। साथ ही 12 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सबेस तेज अर्धशतक लाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।