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IND VS BAN 1st T20: दिल्ली के प्रदूषण को पीछे छोड़ आज भारत-बांग्लादेश आमने-सामने

IND VS BAN 1st T20: दिल्ली के प्रदूषण को पीछे छोड़ आज भारत-बांग्लादेश आमने-सामने

हाईलाइट

  • भारत और बांग्लादेश के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मैच आज अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा
  • दोनों टीमों के बीच अब तक 8 टी-20 हुए हैं, जिसमें से भारतीय टीम अब तक एक भी मैच नहीं हारी है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मैच आज अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमें प्रदूषण को पीछे छोड़ मैच के लिए तैयार हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच अब तक 8 टी-20 हुए हैं। जिसमें से भारतीय टीम अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। भारत में दोनों टीमों के बीच पिछली बार मैच टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान 23 मार्च 2016 को खेला गया था। उस मैच में भारत ने बांग्लादेश को 1 रन से हराया था। दोनों टीमों के बीच आखिरी बार मैच 18 मार्च 2018 को श्रीलंका के कोलंबो में खेला गया था। उस मैच में भारत ने 4 विकेट से जीत दर्ज की थी।

मैच से पहले हुए संवाददाता सम्मेलनों को अगर देखा जाए तो यह दो चीजों के इर्द-गिर्द घूमता रहा- पहली शाकिब अल हसन की गैर मौजूदगी और राजधानी का प्रदूषित वातावरण। हवा की गुणवत्ता अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। पिछले सप्ताह से लगातार दिल्ली की हवा दिन-प्रतिदिन प्रदूषित होती जा रही है जिसने मैच के ऊपर संशय खड़ा कर दिया था। स्टेडियम में धुंध देखी गई थी जिसके कारण बांग्लादेश के खिलाड़ी अभ्यास के समय चेहरे पर मास्क पहने हुए नजर आए थे।

बांग्लादेश के कोच रसेल डोमिंगो और भारत के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर ने हालांकि कहा कि, इसमें दोनों टीमें कुछ नहीं कर सकती हैं और जो वो कर सकती हैं वह है खेल पर ध्यान देना। बांग्लादेश के लिए यह सीरीज इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि उसे अपने स्टार हरफनमौला खिलाड़ी शाकिब और तमीम की गैरमौजूदगी में खेलना है। अगर बीते दो-तीन साल की बात की जाए तो यह दोनों टीम की अहम कड़ी रहे हैं।

टीम के कार्यवाहक कप्तान महमुदुल्लाह ने शनिवार को ही कह दिया था कि, उनकी टीम के बल्लेबाजों को निरंतरता बनाए रखनी पड़ेगी और गेंदबाजों को भारतीय बल्लेबाजों को तहस-नहस करने का मौका देना होगा। मेहमान टीम के पास हालांकि मुस्ताफिजुर रहीम जैसा शानदार गेंदबाज है। जिन्होंने पहले भी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया है। अगर बांग्लादेश के बल्लेबाज अच्छा स्कोर करने में सफल होते हैं तो उनके पास रोहित शर्मा की कप्तान वाली भारतीय टीम को रोकने का मौका है।

रोहित इस मैच में भारत की कप्तानी कर रहे हैं। चयन समिति ने नियमित कप्तान विराट कोहली को इस सीरीज के लिए आराम दिया है। इससे पहले भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज खेली थी जो 1-1 से बराबर रही थी। भारत कोशिश में होगा कि वह इस सीरीज में जीत हासिल करे।

विराट की गैरमौजूदगी में टीम की बल्लेबाजी रोहित और उनके जोड़ीदार शिखर धवन पर निर्भर रहेगी। इन दोनों के ऊपर काफी कुछ निर्भर करता है क्योंकि टीम का मध्यक्रम अनुभवहीन है इसलिए दोनों को चाहिए होगा कि टीम को मजबूत शुरुआत दे सकें।

भारत के बल्लेबाजी कोच ने शुक्रवार को कहा था कि, यह सीरीज टीम को अलग-अलग तरह के संयोजन आजमाने का मौका देगी। लेकिन एक चीज पर टीम का ध्यान काफी हद तक होगा और वो है मजबूत लक्ष्य खड़ा करने पर। रोहित ने मेहमानों के बारे में कहा था, बांग्लादेश की यह टीम काफी अच्छी है। इन्होंने हमें अतीत में भी दबाव में रखा है। इसलिए हम उन्हें अलग तरह से नहीं देख रहे हैं और हमारा ध्यान अपने खेल पर होगा।

भारत की गेंदबाजी भी थोड़ी अनुभवहीन है लेकिन इसमें किसी भी बल्लेबाजी क्रम को तोड़ने की ताकत है। खलील अहमद, दीपक चहर और युजवेंद्र चहल पर भारतीय गेंदबाजी का दारोमदार होगा। बल्लेबाजी में, शिवम दुबे और संजू सैमसन को मौका मिल सकता है। इन दोनों ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है जिसके दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल हुए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में जब भी मैच होता है तब स्टेडियम की पिच पर भी सभी की नजरें होती हैं। अगर इसका इतिहास देखा जाए तो यह धीमी पिच रही है। रविवार को होने वाले मैच से एक दिन पहले विकेट पर हल्की घास देखी गई है। अब देखना होगा कि रविवार को पिच किस तरह की रहती है। 

मौसम और पिच का हाल

दिल्ली में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम है। मैच के दौरान आसमान में धुंध रहेगी। तापमान 17 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। इस मैदान पर स्पिनर्स को मदद मिलती है। टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना चाहेगी। इस मैदान पर अब तक कुल 5 टी-20 खेले गए, जिसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने तीन मैच जीते। स्टेडियम में आखिरी मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। मैच को टीम इंडिया ने 53 रन से जीता था। 

टीमें :

भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, लोकेश राहुल, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, क्रूणाल पांड्या, युजवेंद्र चहल, राहुल चहर, दीपक चहर, खलील अहमद, शिवम दुबे, शार्दूल ठाकुर।

बांग्लादेश : महमुदुल्लाह (कप्तान), मोहम्मद नइम, अफिफ हुसैन, मोसादेक हुसैन, अनिमुल इस्लाम, लिटन दास, मुश्फीकुर रहीम, अराफत सनी, अल अमिन हुसैन, मुस्ताफिजुर रहमान, शाइफुल इस्लाम, अबु हैदर रोनी, मोहम्मद मिथुन, ताइजुल इस्लाम।

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डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल डेस्क,भोपाल। "सफलता सिर्फ उनको नहीं मिलती जो सफल होने की इच्छा रखते है, सफल हमेशा वही होता है जो आगे बढ़ कर उन्हे पाने की चाहत रखते है।" ये उद्धहरण उनके लिए नहीं है जो आराम की जिंदगी को छोड़ कर बाहर नहीं निकालना चाहते, बल्कि ये उनपे लागू होती है जो निरंतर प्रयास करते रहते है।

इसी तर्ज पर चलते हुए, बिहार के पटना के शहर से आने वाले आईटी और तकनीक प्रेमी डबल मास्टर्स डिग्री धारी ने डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय यात्रा शुरू की थी, लेकिन आज वो इस मुकाम पर पहुँचे जाएंगे उन्होंने ऐसा नहीं सोचा होगा, की कुछ साल बाद, वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे जो digital content curation में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

उक्त व्यक्ति और कोई नहीं, बल्कि प्रसिद्ध digital marketer रोहित मेहता हैं, जो एक ब्लॉगर के रूप में उत्कृष्ट हैं और एक प्रख्यात आईटी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने अपनी ज्ञानवर्धक ई-पुस्तकों के साथ दुनिया के साथ अपने ज्ञान को साझा करते हुए कई अहम भूमिकाएँ निभाई हैं।

एक दशक से अधिक की अवधि के लिए IT industry में काम करने के बाद, रोहित मेहता ने खुद को एक ऐसे tech blogger के रूप में प्रतिष्ठित किया है जो अपने पाठकों के साथ ऐसी तकनीकी ज्ञान को साझा करता है जो उन्हें बेहतर बेहतर बनने में मदद करती है।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओ में अपनी किताब को करने वाले रोहित ने ये साबित कर दिया है की डिजिटल मार्केटिंग केवल अंग्रेजी जानने वालों के लिए नहीं है। हिंदी में भी पढ़ कर आप इसे सिख सकते है ओर अपना करियर बन सकते है। इनकी सबसे अधिक लोकप्रिये बुक '15 Proven Secrets of Internet Traffic Mastery' है, जिसमे अपने अनलाईन बिजनस या ब्लॉग पर ट्राफिक (पाठक) लाने के 15 बेहतरीन तरीके बताए है।

आज, रोहित मेहता डिजिटल गब्बर (Digital Gabbar) नामक भारत के सबसे बड़े डिजिटल कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक संपादक हैं, एक अभूतपूर्व विज़न जिसका नेतृत्व डिजिटल उत्साही लोगों के एक समूह द्वारा किया जा रहा है।

जीवन में अपनी विभिन्न गतिविधियों पर रोहित के साथ बातचीत में, वे कहते हैं, " हर दूसरे आदमी की तरह, मैं भी इंटरनेट की दुनिया में नया था जब मैनें इसमे कदम रखा था। शुरू से ही कुछ नया सीखने और उसको साझा करने की चाहते ने मुझे ब्लॉगिंग में अपना करियर शुरू करने की प्रेरणा दी, तब से मैंने पीछे नहीं देखा हर एक नए सुबह के साथ इच्छा सकती मजबूत होती गई, Digital Gabbar शुरू करने से पहले बहुत से ब्लॉग/वेबसाइटें शुरू की मगर खुशी (kick) नहीं मिली”।

"डिजिटल गब्बर केवल एक ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि हमारे पाठकों के साथ जुड़ने का जरिया है जो किसी भी सीमा से परे है। हम ब्लॉगिंग, एफिलिएट से सम्बंधित टिप्स और ट्रिक्स की अपडेटेड जानकारी साझा करते हैं। जैसे : मार्केटिंग, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग, गाइड्स, ट्यूटोरियल्स और बहुत कुछ।  

डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कैरियर का नेतृत्व करने के बाद, डिजिटल गब्बर की टीम लोकप्रिय डिजिटल मार्केटर्स, ब्लॉगर्स, YouTubers, उद्यमियों के साथ साक्षात्कार की एक श्रृंखला शुरू करने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में डिजिटल इंडिया उनकी एक झलक दिखा सकें। जीवन की कहानियां जो प्रेरणा मिलती है वो सायद ही किसी और कार्य से मिलती होंगी।

रोहित मेहता के प्रमुख योगदान

आज दूरदर्शी रोहित मेहता ने डिजिटल मार्केटिंग, ब्लॉगिंग, एफिलिएट, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग मे अनेकों गाइड्स और सुझावों इत्यादि अपने पाठकों के डिजिटल गब्बर पे बिल्कुल मुफ़्त में साझा करते है।

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गब्बर रोहित का लक्ष्य

अपने ब्लॉग डिजिटल गब्बर के अनुशार रोहित बताते है की उनका लक्ष्य सिर्फ जानकारी को साझा करना नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया के युवाओ से उसको अमल भी करवाना चाहते है। ताकि आने वालों कुछ सालों में डिजिटल के क्षेत्र में इंडिया युवा पीढ़ी किसी से काम न रहे। यही कारण है की इन्होंने डिजिटल गब्बर की शुरुवात हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में एक साथ की है।

https://www.digitalgabbar.com/ और https://www.digitalgabbar.in/ क्रमशः रोहित के इंग्लिश और हिंदी के ब्लॉग है।

साथ ही साथ रोहित मेहता ने अपने जैसे युवाओ और start-up को बढ़ावा देने के लिए Indian Gabbar के नाम से एक साइट शुरू किया है। Digital Gabbar सभी उधमी और startup को Indian gabbar के रूप में संबोधित करते हुए उनकी आर्टिकल को बिल्कुल मुफ़्त में साझा कर रहा है।

कोई भी इच्छुक व्यक्ति या संस्थान आपनी कहानी प्रकाशित करने के लिए Indian Gabbar से संपर्क करें। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।