comScore

IND VS BAN तीसरा टी-20 कल, टीम इंडिया की नजर सीरीज जीत पर

IND VS BAN तीसरा टी-20 कल, टीम इंडिया की नजर सीरीज जीत पर

हाईलाइट

  • भारत और बांग्लादेश के बीच तीसरा टी-20 मैच कल नागपुर के वीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा
  • तीन मैचों की टी-20 सीरीज 1-1 से बराबर चल रही है

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दूसरे मैच में एकतरफा जीत हासिल करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम रविवार को यहां विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन (वीसीए) स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले तीसरे और अंतिम मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगी। बांग्लादेश ने सीरीज के पहले मैच में एकतरफा अंदाज में भारत को सात विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली थी। टी-20 में भारत के खिलाफ बांग्लादेश की यह पहली जीत थी। लेकिन भारत ने दूसरे मैच में शानदार पलटवार करते हुए राजकोट में बांग्लादेश को आठ विकेट से हराकर सीरीज में 1-1 से बराबरी हासिल कर ली।

इस मैच में बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 153 रन का स्कोर बनाया, जिसे भारत ने दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। कप्तान रोहित शर्मा का फॉर्म में लौटना भारत के लिए अच्छी बात है। उन्होंने अपने करियर के 100वें और सीरीज के दूसरे मैच में 43 गेंदों पर 85 रनों की पारी खेलकर भारत को एकतरफा जीत दिलाई।

रोहित चाहेंगे कि उसके तेज गेंदबाज इस मैच में अपने प्रदर्शन को सुधारे। टीम प्रबंधन तेज गेंदबाज खलील अहमद की जगह शार्दूल ठाकुर को मौका दे सकती है, जिन्होंने पहले मैच में 37 और दूसरे मैच में 44 रन खर्च कर डाले थे। इसके अलावा मेजबान टीम इस मैच में अपनी फील्डिंग में भी सुधार करना चाहेगी।

दूसरी तरफ, महमुदुल्लाह की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन करने वाली बांग्लादेश की टीम इस मैच को जीतकर पहली बार भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज जीतना चाहेगी। कप्तान महमुदुल्लाह चाहेंगे कि उसके बल्लेबाज इस मैच में रन बनाएं, ताकि गेंदबाज, खासकर स्पिन गेंदबाज वीसीए स्टेडियम की पिच का फायदा उठा सके। स्टेडियम की पिच स्पिनरों के अनुकूल होने वाली है।

वीसीए स्टेडियम में अब तक 11 टी-20 मैच खेले गए हैं और पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने आठ बार इसमें जीत हासिल की है। ऐसे में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि टॉस जीतने के बाद भारत क्या करता है।

टीमें :

भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, लोकेश राहुल, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, क्रूणाल पांड्या, युजवेंद्र चहल, राहुल चहर, दीपक चहर, खलील अहमद, शिवम दुबे, शार्दूल ठाकुर।

बांग्लादेश : महमुदुल्लाह (कप्तान), मोहम्मद नईम, अफिफ हुसैन, मोसादेक हुसैन, अनिमुल इस्लाम, लिटन दास, मुश्फीकुर रहीम, अराफत सनी, अल अमिन हुसैन, मुस्ताफिजुर रहमान, शैफुल इस्लाम, अबु हैदर रोनी, मोहम्मद मिथुन, तइजुल इस्लाम।

कमेंट करें
9kVTU
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।