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IPL-13, MI VS SRH: मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 209 रन का टारगेट दिया, डी कॉक ने 67 रन की पारी खेली

IPL-13, MI VS SRH: मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 209 रन का टारगेट दिया, डी कॉक ने 67 रन की पारी खेली

हाईलाइट

  • मुंबई ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी
  • रोहित 6 रन बनाकर आउट

डिजिटल डेस्क, शारजाह। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 13वें सीजन के दूसरे डबल हेडर (एक दिन में 2 मैच) का पहला और लीग का 17वां मैच आज मुंबई इंडियंस (MI) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुंबई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 208 रन बनाए और हैदराबाद के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा। मुंबई के लिए सबसे ज्यादा 67 रन क्विंटन डी कॉक ने बनाए। 

मुंबई और हैदराबाद का लीग स्टेज में अब तक प्रदर्शन एक जैसा रहा है। दोनों टीमों ने अपने पिछले 4 मैचों में 2-2 जीत दर्ज की और 2-2 मैच हारे हैं। प्वाइंट्स टेबल की बात करें तो मुंबई 4 अकों के साथ तीसरे और हैदराबाद भी इतने ही अंकों के साथ चौथे नंबर पर है। अब दोनों टीमों की नजर लीग में अपनी तीसरी जीत दर्ज करने पर होंगी। 

बता दें कि, हैदराबाद ने सीजन की शुरुआत अच्छी नहीं की थी और उसे लगातार दो हार झेलनी पड़ी थी लेकिन 2016 की इस विजेता टीम ने वापसी की और लगातार दो मैच जीते। पहले उसने दिल्ली कैपिटल्स को मात दी और फिर चेन्नई सुपर किंग्स को हराया। टीम की ताकत है उसकी गेंदबाजी है जो उसकी जीत का अहम कारण रही। लेकिन चेन्नई के खिलाफ खेले गए मैच में टीम को एक पॉजिटिव प्वाइंट मिला।

हैदराबाद की बल्लेबाजी का दारोमदार वार्नर,बेयरस्टो, विलियम्सन और मनीष पर
हैदराबाद टीम की बल्लेबाजी का दारोमदार डेविड वार्नर, जॉनी बेयरस्टो, केन विलियम्सन, मनीष पांडेय पर है और टीम का मध्य क्रम तथा निचला क्रम कमजोर समझा रहा है, लेकिन चेन्नई के खिलाफ खेले गए मैच में युवा बल्लेबाज प्रियम गर्ग और अभिषेक शर्मा ने जिस तरह से टीम को संभाला और 77 रनों की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर दिया वो टीम के लिए एक उम्मीद की किरण लेकर आया है।

गेंदबाजी में भुवनेश्वर की चोट हैदराबाद टीम के लिए चिंता का विषय
गेंदबाजी में लेकिन टीम की चिंता बढ़ गई है। चेन्नई के खिलाफ खेले गए मैच में भुवनेश्वर कुमार 19वें ओवर में चोटिल हो गए थे। मुंबई के खिलाफ वो खेलेंगे या नहीं यह पक्का नहीं दिख रहा है। भुवनेश्वर टीम के मुख्य गेंदबाज हैं और टीम की गेंदबाजी उनसे ही जुड़ी है, खासकर डेथ ओवरों में।

मुंबई की बल्लेबाजी अच्छी चल रही है, उसके सभी बल्लेबाज फॉर्म में हैं
मुंबई के लिए यह फायदे का सौदा हो सकता है, लेकिन फिर भी उसे राशिद खान, अभिषेक, खलील अहमद से निपटना होगा। मुंबई की बल्लेबाजी अच्छी चल रही है। उसके सभी बल्लेबाज फॉर्म में हैं। क्विंटन डी कॉक पिछले दो मैचों में कुछ खास नहीं कर पाए, लेकिन शुरुआती मैचों में उन्होंने जैसा प्रदर्शन किया था वो बताता है कि वह ज्यादा दिन रनों से दूर नहीं रहेंगे।

रोहित शर्मा ने पिछले मैच में टीम को संभाला था। मध्य क्रम और निचले क्रम में ईशान किशन, कीरन पोलार्ड, हार्दिक पांड्या, क्रूणाल पांड्या हैं। पोलार्ड और पांड्या ने पिछले मैचों में अपने तूफानी अंदाज की आहट दे दी है जो हर टीम के लिए खतरा है। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोउल्ट, जेम्स पैटिनसन अच्छा कर रहे हैं। मुंबई की टीम से सभी हार्दिक को गेंदबाजी करते हुए देखना चाहते हैं। पिछले मैच में उन्होंने गेंद नहीं थामी थी। आगे के मैचों में क्या होगा यह देखना होगा।

टीमें:

सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) : डेविड वार्नर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, बैसिल थम्पी, भुवनेश्वर कुमार, बिली स्टानलेक, जॉनी बेयरस्टो, केन विलियम्सन, मनीष पांडे, मोहम्मद नबी, राशिद खान, संदीप शर्मा, शहबाज नदीम, श्रीवत्स गोस्वामी, सिद्धार्थ कौल, खलील अहमद, टी. नटराजन, विजय शंकर, रिद्धिमान साहा, विराट सिंह, प्रियम गर्ग, जेसन होल्डर, संदीप बवांका, फाबियान ऐलेन, अब्दुल समद, संजय यादव।

मुंबई इंडियंस (MI) : रोहित शर्मा (कप्तान), आदित्य तारे (विकेटकीपर), अनमोलप्रीत सिंह, अनुकूल रॉय, क्रिस लिन, धवल कुलकर्णी, दिग्विजय देशमुख, हार्दिक पांड्या, ईशान किशन, जेम्स पैटिनसन, जसप्रीत बुमराह, जयंत यादव, कीरन पोलार्ड, क्रूणाल पांड्या, मिशेल मैक्लेंघन, मोहसिन खान, नाथन कल्टर नाइल, प्रिंस बलवंत राय, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), राहुल चहर, सौरभ तिवारी, शेरफाने रदरफोर्ड, सूर्यकुमार यादव, ट्रेंट बाउल्ट।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।