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IPL-13, RCB VS SRH: वॉर्नर को रिव्यू में आउट दिए जाने पर हुआ विवाद, थर्ड अंपायर के फैसले पर उठे सवाल

IPL-13, RCB VS SRH: वॉर्नर को रिव्यू में आउट दिए जाने पर हुआ विवाद, थर्ड अंपायर के फैसले पर उठे सवाल

हाईलाइट

  • IPL-13 के एलिमिनेटर मैच में शुक्रवार को हैदराबाद ने बैंगलोर को 6 विकेट से हराया
  • मैच में वॉर्नर को रिव्यू में आउट दिए जाने पर हुआ विवाद, थर्ड अंपायर के फैसले पर उठे सवाल

डिजिटल डेस्क, अबू धाबी। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के कप्तान डेविड वॉर्नर को IPL-13 के एलिमिनेटर मुकाबले में शुक्रवार को रिव्यू में आउट दिए जाना विवाद का कारण बन गया है। कॉमेंटेटर और विशेषज्ञ इस फैसले से नाराज हैं। मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की गेंद वॉर्नर को छकाते हुए विकेटकीपर एबी डिविलियर्स के दस्तानों में गई। इस बीच लगा की गेंद ने किसी चीज को छुआ है, या तो ग्लव्ज या ट्राउजर को, लेकिन यह साफ नहीं था। इस दौरान वॉर्नर 17 गेंदों में 17 रन बनाकर खेल रहे थे। 

मैदानी अंपायर एस. रवि ने वॉर्नर को नॉट आउट दिया, जबकि रिव्यू पर तीसरे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने कई बार रिप्ले देखने के बाद वॉर्नर को आउट दे दिया। कॉमेंटेटर पॉमी मांग्वा ने तुरंत इस फैसले का निंदा की और कहा कि उसे नॉट आउट दिया जाना चाहिए था। मांग्वा ने कहा, चूंकि सबूत पुख्ता नहीं थे और मैदानी अंपायर ने इसे नॉट आउट दिया था, इसलिए इसे आउट नहीं दिया जाना चाहिए था। अपने इस बयान के तुरंत बाद उन्होंने कहा कि यह ऐसा फैसला था जो किसी भी तरफ जा सकता था।

न्यूजीलैंड के पूर्व खिलाड़ी स्कॉट स्टायरिस ने कहा, तीसरे अंपायर का अविश्वसनीय फैसला। डेविड वॉर्नर के पास गुस्सा होने का हर कारण है। असल फैसला नॉट आउट था। इस फैसले को बदलने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं थे। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर जो मांग्वा के साथ कॉमेंट्री कर रहे थे उन्होंने कहा कि अंपायर के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। बता दें कि, एलिमिनेटर मैच में हैदराबाद ने बैंगलोर को 6 विकेट से मात देकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। मैच में बैंगलोर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 131 रन बनाए। हैदराबाद ने 2 गेंद शेष रहते हुए 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।