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MI Vs CSK: धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई से भिड़ेंगे मुंबई के धुरंधर, आज दिल्ली में होगा 27 वां मुकाबला

MI Vs CSK: धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई से भिड़ेंगे मुंबई के धुरंधर, आज दिल्ली में होगा 27 वां मुकाबला

हाईलाइट

  • इंडियन प्रीमियर लीग का 27 वां मुकाबला आज
  • दिल्ली में मुंबई से भिड़ेगी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग का 27 वां मुकाबला आज महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स और रोहित शर्मा की मुंबई इंडियंस के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा। IPL की पाइंट टेबल में चेन्नई की टीम 10 अंकों के साथ टॉप पर है। चेन्नई ने 6 मैच में से 5 मैच जीते हैं। जबकि 1 में हार झेलनी पड़ी। वहीं, मुंबई ने अब तक 6 मैच खेले हैं। जिसमें 3 में जीत और 3 में हार का सामना करना पड़ा है। पाइंट टेबल में 6 अंकों के साथ मुंबई चौथे स्थान पर है।

आईपीएल में दोनों टीमों के बीच 30 मुकाबले हुए हैं। जिनमें से 18 में मुंबई और 12 में चेन्नई ने जीत हासिल की है। सक्सेस रेट की बात की जाए तो चेन्नई के खिलाफ मुंबई का पलड़ा भारी है। मुंबई का सक्सेस रेट 60 प्रतिशत है। इस मैदान पर ये दोनों टीमें 7 साल बाद आमने-सामने होंगी। यहां दोनों के बीच एक ही मैच (2013) खेला गया, जिसमें चेन्नई ने मुंबई को 48 रन से हराया था। मुंबई टीम हमेशा ही चेन्नई पर भारी रही है। MI के खिलाफ पिछले 6 मैच में CSK टीम सिर्फ एक ही मैच जीत सकी है। यह जीत पिछले मुकाबले में ही मिली थी।

वैसे तो दिल्ली की पिच स्पिनर्स के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन इस सीज़न में पिच बल्लेबाज़ों के लिए मुफीद साबित हो रही है। पिछले मैच में भी पिच बिल्कुल सपाट थी। ऐसे में एक बार फिर यहां हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है। ओस यहां भी अहम साबित होगी, ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में इस सीजन में 2 आईपीएल मैच हुए हैं। दोनों में बाद में बैटिंग करने वाली टीम जीती है। 

चेन्नई की संभावित प्लेइंग इलेवन- फाफ डू प्लेसिस, रुतुराज गायकवाड़, मोइन अली, सुरेश रैना, अंबाती रायुडू, रविंद्र जडेजा, एमएस धोनी (कप्तान और विकेटकीपर), सैम कर्रन, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर और लुंगी नगिदी/ इमरान ताहिर

मुंबई की संभावित प्लेइंग इलेवन- क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रोहित शर्मा (कप्तान), सूर्यकुमार यादव, क्रुणाल पांड्या, कीरन पोलार्ड, हार्दिक पांड्या, जयंत यादव, नाथन कूल्टर नाइल, राहुल चाहर, जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।