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29 जून: आज ही के दिन 13 साल पहले 15,000 वनडे इंटरनेशनल रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे सचिन

29 जून: आज ही के दिन 13 साल पहले 15,000 वनडे इंटरनेशनल रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे सचिन

हाईलाइट

  • सचिन 30,000 से ज्यादा इंटरनेशनल रन और 100 शतक बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं
  • सचिन के इस रिकॉर्ड के सबसे ज्यादा करीब हैं विराट, कोहली के 11,867 वनडे इंटरनैशनल रन हैं

डिजिटल डेस्क। भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में कई रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किए हैं। सचिन के कई रिकॉर्ड तो ऐसे हैं, जो उनके संन्यास लेने के बाद भी अभी तक कायम हैं। उनमें से ही एक बड़ा रिकॉर्ड सचिन ने 13 साल पहले आज ही के दिन अपने नाम किया था। 29 जून 2007 में सचिन 15,000 वनडे इंटरनेशनल रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे। तेंदुलकर अभी भी एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 15,000 से ज्यादा वनडे रन बनाए हैं। 

सचिन के इस रिकॉर्ड के सबसे ज्यादा करीब हैं कोहली
सचिन के अलावा अब तक कोई दूसरा बल्लेबाज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाया है। श्रीलंका के कुमार संगाकारा के नाम 14234 रन हैं। अगर ऐक्टिव क्रिकेटरों की बात की जाए तो भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली ही हैं जो सचिन के इस रिकॉर्ड के सबसे ज्यादा करीब हैं। कोहली के नाम 11,867 वनडे इंटरनेशनल रन हैं।

सचिन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी
सचिन ने 2007 में बेलफास्ट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ फ्यूचर कप के दूसरे वनडे मैच के दौरान यह उपलब्धि हासिल की थी। इस मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका को 6 विकेट से हराया था और सीरीज 1-1 से बराबर की थी। सचिन इस मैच में 93 रन बनाकर आउट हुए और अपने 42वें वनडे शतक से चूक गए थे। मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 50 ओवरों में 6 विकेट पर 226 रन बनाए थे। युवराज सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 36 रन देकर 3 विकेट झटके थे। 

इसके बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत के सलामी बल्लेबाज तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने शतक जड़कर टीम को जीत की राह पर ले जाने का काम किया। गांगुली के आउट होने के बावजूद, तेंदुलकर जमें रहे और शतक के करीब पहुंचे, लेकिन 93 रन पर आउट हो गए। इसके बाद युवराज और दिनेश कार्तिक ने टीम को पांच गेंद शेष रहते जीत दिलाई।

100 शतक बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज भी हैं सचीन
इस सीरीज में सचिन दूसरी बार 90 के पार आउट हुए थे। सचिन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में संन्यास लिया था। वह 30,000 से ज्यादा इंटरनेशनल रन और 100 शतक बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज भी हैं। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।