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Rajasthan Vs Punjab 4th IPL Match: आज पंजाब से भिड़ेंगी राजस्थान, मुंबई के वानखेडे़ में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा मुकाबला

Rajasthan Vs Punjab 4th IPL Match: आज पंजाब से भिड़ेंगी राजस्थान, मुंबई के वानखेडे़ में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा मुकाबला

हाईलाइट

  • IPL में आज पंजाब से राजस्थान का मुकाबला
  • मुंबई के वानखेडे़ में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा मुकाबला

डिजिटल डेस्क, मुंबई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 14वें सीजन आज चौथा मुकाबला पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच आज शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। इस मैच में लीग के अब तक के सबसे महंगे खिलाड़ी क्रिस मॉरिस पंजाब पर कहर बनकर टूट सकते हैं। राजस्थान की टीम इंग्लिश तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर के बिना मैदान पर उतरेगी। वे फिलहाल चोटिल हैं। ऐसे में RR की पेस बॉलिंग की कमान 16 करोड़ के क्रिस मॉरिस और भारतीय तेज गेंदबाजों के हाथों में होगी।

बता दें कि राजस्थान ने पिछले सीजन में दोनों मैचों में पंजाब को हराया था। PUNJAB की टीम इसी हार का बदला लेने मैदान पर उतरेगी। दोनों के बीच अब तक कुल 21 मैच हुए हैं। इसमें राजस्थान की टीम पंजाब पर भारी नजर आ रही है। RR ने 21 में से 12 मैच जीते हैं। जबकि, पंजाब को सिर्फ 9 मैच में जीत मिली। पिछले सीजन में पंजाब की टीम छठे और राजस्थान 8वें स्थान पर रही थी। RR की सबसे बड़ी समस्या विदेशी तेज गेंदबाजों की कमी है। पिछले साल, आर्चर को टीम के दूसरे गेंदबाजों से कोई समर्थन पाने में विफल रहे क्योंकि केवल स्पिनरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि इस बार मॉरिस को तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान का समर्थन हासिल होना चाहिए।

हालांकि, क्या रहमान को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल पाती है या नहीं, यह भी देखने वाली बात होगी। बल्लेबाज जोस बटलर, ऑल-राउंडर बेन स्टोक्स और मॉरिस के साथ निश्चित रूप से, आरआर को रहमान को अंतिम एकादश में शामिल करने के बारे में काफी सोचना होगा क्योंकि उसके पास लियाम लिविंगस्टोन और डेविड मिलर जैसे अन्य हार्ड हिटिंग बल्लेबाज भी हैं।।

राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक कुमार संगकारा ने रविवार दोपहर मीडिया को बताया, संजू (सैमसन) और मैं दोनों सहमत होंगे कि जोफ्रा आर्चर का नहीं होना हमारे लिए एक बड़ा झटका है। जोफ्रा हमारे संयोजन का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उसके पास में नहीं होना दुर्भाग्य से एक वास्तविकता है। हमें इसके चारों ओर काम करना होगा और उसी अनुसार योजना बनानी होगी।

ऐसे में जबकि मुंबई की विकेट बल्लेबाजी के अनुकूल है, यह संभावना है कि आरआर रहमान के साथ जाएंगे जो अपने कटर के साथ विविधता लाने के लिए जाने जाते हैं और पिच से कुछ निकाल सकते हैं। पंजाब किंग्स के बल्लेबाज केएल राहुल, जो पिछले साल ऑरेंज कैप विजेता थे, ने हाल के दिनों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खराब दौर से गुजरे हैं लेकिन बावजूद इसके वह और मयंक अग्रवाल फिर से पंजाब फ्रेंचाइजी की बल्लेबाजी की रीढ़ बन सकते हैं। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि पंजाब अपने चार खिलाड़ियों का विदेशी कोटा कैसे संतुलित करता है। वे वेस्टइंडीज के बल्लेबाज निकोलस पूरन को मौका देंगे या फिर वे टी20 अंतरराष्ट्रीय में शीर्ष क्रम के बल्लेबाज डेविड मालन क मौका देंगे, यह देखना बाकी है।

संभावित टीमें :

राजस्थान रॉयल्स:संजू सैमसन (कप्तान), बेन स्टोक्स, जोस बटलर, रियान पराग, श्रेयस गोपाल, राहुल तेवतिया, महिपाल लोमरोर, कार्तिक त्यागी, एंड्रयू टाई, जयदेव उनादकट, मयंक मारकंडे, यशस्वी जायसवाल, अनुज रावत, डेविड मिलर, मनन वोहरा, रोबिन उथप्पा , शिवम दुबे, क्रिस मॉरिस, मुस्ताफिजुर रहमान, चेतन सकारिया, केसी करियप्पा, लियाम लिविंगस्टोन, कुलदीप यादव, आकाश सिंह।

पंजाब किंग्स :केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर), मयंक अग्रवाल, क्रिस गेल, मनदीप सिंह, प्रभसिमरन सिंह, निकोलस पूरन (विकेटकीपर), सरफराज खान, दीपेंद्र हुड्डा, मुरुगन अश्विन, रवि बिश्नोई, हरप्रीत बराड़, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, ईशान पोरेल, दर्शन नल्कंडे, क्रिस जॉर्डन, डेविड मलान, झाए रिचर्डसन, शाहरुख खान, रिले मेरेडिथ, मोइसेस हेनरिक्स, जलज सक्सेना, उत्कर्ष सिंह, फैबियन एलेन, सौरभ कुमार।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।