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डे-नाइट टेस्ट मैच के लिए 10 दिनों में पर्याप्त एसजी पिंक बॉल तैयार चाहते हैं गांगुली

October 30th, 2019 10:33 IST
डे-नाइट टेस्ट मैच के लिए 10 दिनों में पर्याप्त एसजी पिंक बॉल तैयार चाहते हैं गांगुली

हाईलाइट

  • BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने एसजी कम्पनी से कहा-10 दिनों में पर्याप्त संख्या में पिंक बॉल तैयार कर ले
  • भारत को अपना पहला डे-नाइट टेस्ट मैच बांग्लादेश के खिलाफ 22 नवंबर को खेलना है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत को 22 नवम्बर से कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में बांग्लादेश के साथ अपना पहला डे-नाइट टेस्ट मैच खेलना है और इस मैच में एसजी पिंक बॉल का उपयोग किया जाएगा। इसे देखते हुए BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने एसजी कम्पनी से कहा है कि, वह अगले 10 दिनों में पर्याप्त संख्या में पिंक बॉल तैयार कर ले।मंगलवार को ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत के साथ कोलकाता में पहले डे-नाइट टेस्ट मैच को हरी झंडी दी और इसी दिन बोर्ड अधिकारियों ने एसजी कम्पनी के अधिकारियों से बात कर उन्हें अतिशीघ्र पर्याप्त संख्या में पिंक बॉल तैयार करने को कहा, जिससे कि दोनों टीमों को अभ्यास करने में कोई दिक्कत ना हो।

एक सूत्र ने कहा, हां, अध्यक्ष ने एक टीम बनाई है, जो एसजी कम्पनी के साथ तालमेल बनाए रखेगी। अध्यक्ष चाहते हैं कि अगले 10 दिनों में पर्याप्त संख्या में पिंक बॉल तैयार हो जाए, जिससे कि दोनों टीमों को अभ्यास करने में कोई दिक्कत ना हो। BCCI के एक अधिकारी ने कहा कि असल चैलेंज को अंपायरों को सब्सीट्यूट बॉल देने की होगी।

अधिकारी ने कहा, अगर BCCI जीएम (क्रिकेट आपरेशंस) सबी करीम ने घरेलू मैचों में पिंक बॉल के उपयोग पर बल दिया होता तो फिर आज हमें सब्सीट्यूट बॉल्स की कमी नहीं होती। हम रणजी ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी जैसे आयोजनों में पिंक बॉल का इस्तेमाल कर सकते थे। इस सम्बंध में गांगुली ने काफी पहले प्रयास किया था लेकिन इसके बाद कोई विकास नहीं हुआ और आज हम दोराहे पर खड़े हैं।

उल्लेखनीय है कि गांगुली ने हमेशा से पिंक बॉल क्रिकेट की वकालत की है। वह 2016-17 में जब तकनीकी समिति के सदस्य थे, तब उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी पिंक बॉल के उपयोग की सिफारिश की थी। गांगुली ने उसी समय दिन-रात के मैच की वकालत की थी।

गांगुली का मत है कि डे-नाइट टेस्ट मैच से टेस्ट क्रिकेट को अधिक से अधिक दर्शक मिल सकेंगे। अभी दक्षिण अफ्रीका के साथ रांची में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के बाद भारतीय कप्तान कोहली ने दर्शकों की कम संख्या को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। कोहली ने इसके बाद भारत में पांच टेस्ट सेंटर बनाए जाने की बात कही थी। बांग्लादेशी टीम बुधवार को भारत पहुंच रही है। वह भारत के साथ तीन टी-20 और दो टेस्ट मैच खेलेगी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।