BCCI विवाद: अमित शाह के बेटे जय शाह BCCI में रहेंगे या नहीं, सुप्रीम कोर्ट में जल्द होगी इसकी सुनवाई, शाह के साथ तय होगा सौरव गांगुली का भविष्य!

July 20th, 2022

हाईलाइट

  • बीसीसीआई कार्यकाल के संबंध में अपने संविधान में संशोधन के लिए मंजूरी मांग रहा है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उस याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी है, जिसमें बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह सहित अन्य अधिकारियों के कार्यकाल को लेकर संविधान में संशोधन करने की अर्जी दी गई थी। अब इस मामले में सुनवाई गुरुवार को होगी। 

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की उस याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी, जिसमें बीसीसीआई ने अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह सहित अपने पदाधिकारियों के कार्यकाल के संबंध में संविधान में संशोधन का आग्रह किया था। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने बीसीसीआई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे द्वारा सुनवाई स्थगित करने की मांग के बाद मामले को गुरुवार तक के लिए टाल दिया है। पीठ ने कहा, 'कल, एक दिन में कुछ नहीं होगा। जल्दी क्या है?'

क्या खत्म हो चुका गई अधिकारियों का कार्यकाल?

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान बिहार क्रिकेट संघ की ओर से पेश वकील ने कहा कि तकनीकी रूप से बीसीसीआई अधिकारियों का कार्यकाल खत्म हो गया है लेकिन वह अभी भी इसे जारी रखे हुए है। 

इस बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी इस मामले में खुद को पक्ष बनाने की स्वीकृति लेने के लिए पेश हुए।

इससे पहले पीठ ने बीसीसीआई की याचिका पर आपात सुनवाई के लिए सहमति जताई थी। बीसीसीआई अपने पदाधिकारियों के कार्यकाल के संबंध में अपने संविधान में संशोधन के लिए मंजूरी मांग रहा है। बीसीसीआई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने कहा कि उनका आवेदन दो साल पहले दायर किया गया था और दो हफ्ते बाद अदालत ने मामले को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था।

पटवालिया ने कहा, "लेकिन इसके बाद कोविड आ गया और मामले को सूचीबद्ध नहीं किया जा सका। कृपया इस मामले को आपात सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कीजिए क्योंकि दो साल से संविधान में संशोधन का इंतजार किया जा रहा है।" 

कार्यकाल के लिए फिलहाल ये प्रावधान 

इससे पहले, न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली एक समिति ने बीसीसीआई में कुछ संशोधन करने की मांग की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। सिफारिशों के अनुसार, राज्य क्रिकेट संघ या बीसीसीआई स्तर के पदाधिकारियों को छह साल के कार्यकाल के बाद तीन साल के ब्रेक से गुजरना होगा। 

लेकिन अब बीसीसीआई ने अपने प्रस्तावित संशोधन में अपने पदाधिकारियों के लिए ब्रेक टाइम को खत्म करने की मंजूरी मांगी है ताकि बीसीसीआई अध्यक्ष गांगुली और सचिव शाह संबंधित राज्य क्रिकेट संघों में छह साल पूरे करने के बाद भी अपने पद पर बने रह सकें।

बता दे,  बीसीसीआई अध्यक्ष बनने से पहले गांगुली बंगाल क्रिकेट संघ एवं जय शाह गुजरात क्रिकेट संघ में पदाधिकारी थे।