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बयान: सुरेश रैना ने कहा- यूएई का मौसम IPL में चीजों को ज्यादा चैलेंजिंग बना देगा

बयान: सुरेश रैना ने कहा- यूएई का मौसम IPL में चीजों को ज्यादा चैलेंजिंग बना देगा

हाईलाइट

  • IPL 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच UAE में खेला जाएगा
  • रैना ने कहा- यूएई का मौसम IPL में चीजों को ज्यादा चैलेंजिंग बना देगा

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। चेन्नई सपुर किंग्स (CSK) के अनुभवी बल्लेबाज सुरेश रैना को लगता है कि, IPL के 13वें सीजन में जब खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे तो उनके लिए फिटनेस और मानसिक स्पष्टता काफी अहम होगी। इस बार IPL 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में खेला जाएगा। BCCI UAE के तीन शहरों- दुबई, अबु धाबी, शरजाह में IPL करा रही है।

रैना ने बुधवार को डब्ल्यूटीएफ गेमिंग एप के वेबीनार में कहा, इस IPL में देखना दिलचस्प होगा कि, खिलाड़ी क्या सोचते हैं। आप अलग परिस्थितियों में खेलते हो, ICC के काफी सारे प्रोटोकॉल्स को आपको मानना होगा, आपको अपने दिमाग में साफ रखना होगा कि आप मैदान पर क्या करने वाले हो, क्योंकि अंत में जब आप खेल खेलते हो तो आपको उसका लुत्फ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, तब आप मैदान से खुशमिजाज इंसान की तरह बाहर आते हो। इसलिए मुझे लगता कि IPL से पहले सारे टेस्ट कर लिए जाएंगे और हम अच्छी मानसकिता में होंगे, क्योंकि हम सभी पिछले पांच महीनों से घरों पर बैठे हैं। मैं अब खेलने के लिए तैयार हूं।

UAE की पिचें चेन्नई की पिचों की तरह होंगी
IPL में दूसरे सर्वोच्च स्कोर रैना ने दुबई की पिचों को लेकर भी अपने विचार रखे और कहा कि वहां की पिचें चेन्नई की पिचों की तरह होंगी। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, दुबई में पिचें, चेन्नई की विकटों की तरह हो सकती हैं। इस महामारी में खिलाड़ियों के लिए काफी कुछ बदला है और इसलिए फिटनेस काफी अहम होगी। उन्होंने कहा, अच्छी बात है कि हम UAE जल्दी जा रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इस समय वहां उमस होगी। तापमान 40 के आसपास का होगा, रेतीले तूफान होंगे, लेकिन दुबई के बारे में अच्छी बात है कि वहां जाने-आने में परेशानी नहीं होगी। आप 45 मिनट में दुबई से अबु धाबी पहुंच सकते हो। वहां से शरजाह 40 मिनट में।

रैना ने कहा कि, इस महामारी के कारण लगे लॉकडाउन में उन्हें अपने पुराने प्रदर्शन का आंकलन करने का मौका मिला। उन्होंने कहा, हमें इतना लंबा ब्रेक कभी नहीं मिला। आप अपनी पुरानी पारियों को देखते हो। आप सोचते हो कि आप उस समय क्या सोचते हो। इसलिए जब आप मैदान पर जाते हो तो मुझे लगता है कि मैंने इसका काफी लुत्फ उठाया है।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।