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Online Gambling: 1,100 करोड़ रुपये के ऑनलाइन गैंबलिंग रैकेट का खुलासा, एक चीनी नागरिक समेत 4 गिरफ्तार


डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। हैदराबाद पुलिस ने एक चीनी नागरिक और उसके तीन भारतीय सहयोगियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। ये लोग चीन की एक कंपनी के जरिए ऑनलाइन गैंबलिंग रैकेट चलाते थे। गिराफ्तार करने के बाद इन आरोपियों को हैदराबाद लाया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि चीन-आधारित 'बीजिंग टी पावर कंपनी' के जरिए इस ऑनलाइन गैंबलिंग रैकेट को ऑपरेट किया जा रहा था। पुलिस ने 1,100 करोड़ रुपये के लेन-देन का भी पता लगाया गया है। ज्यादातर लेनदेन लॉकडाउन अवधि के दौरान किए गए थे।

हैदराबाद पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिक का नाम याह हाओ है जो साउथईस्ट एशिया के लिए ऑनलाइन फर्म का प्रमुख है। वहीं गिरफ्तार तीन भारतीय नागरिक धीरज सरकार, अंकित कपूर और नीरज तुली है। ये तीनों फर्म के डायरेक्टर है। हैदराबाद को दो लोग ऑनलाइन गैंबलिंग में 1.64 लाख और 97,000 रुपये हार गए थे जिनकी शिकायत पर इन्हें गिरफ्तार किया गया है। इन चारों को आईपीसी सेक्शन 420 (धोखाधड़ी), 120-बी (साजिश) और तेलंगाना गेमिंग एक्ट के गिरफ्तार किया है। चारों को शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाना है। 

पुलिस के मुताबिक शिकायत करने वाले दोनों युवकों ने ऑनलाइन दांव लगाए। युवकों का आरोप है कि चीनी कंपनी ने धोखा करके रिजल्ट में हेरफेर किया जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। फर्मों ने दो बैंक अकाउंट के माध्यम से लेनदेन किया। हालांकि अधिकांश धनराशि पहले ही अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हो चुकी है, जिनमें विदेशों खाते भी शामिल हैं। पुलिस ने इन दोनों खातों को फ्रीज कर दिया है जिसमें 30 करोड़ रुपये (एक दिन की कमाई) की राशि जमा थी। 

हैदराबाद पुलिस आयुक्त अंजनी कुमार ने बताया कि 'गेमिंग वेबसाइटों के सर्वर चीन में आधारित हैं। डेटा-होस्टिंग सेवाएं अमेरिका में क्लाउड-आधारित हैं लेकिन चीन से संचालित होती हैं। पूरा टेक्निकल ऑपरेशन चीन-आधारित डायरेक्टरों/इन कंपनियों के पार्टनरों द्वारा चलाया जाता है। सभी पेमेंट भारत-आधारित सर्विस प्रोवाइडरों/गेटवे के माध्यम से किए जा रहे थे। बीजिंग टी पॉवर कंपनी के तहत, कई फर्म - ग्रोइंग इनफोर्टेक प्राइवेट लिमिटेड, सिली कंसल्टिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, पैन यूं टेक्नोलॉजी सर्विसेज, लिंकयुन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, डोकिपे टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, स्पॉटपे टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, डेसिलिंग फाइनेंशियल प्राइवेट लिमिटेड और हुआऊ फाइनेंशियल प्राइवेट लिमिटेड ऑनलाइन गेम के माध्यम से ये बैटिंग करा रहे थे।

हैदराबाद पुलिस प्रमुख ने बताया कि टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से संभावित गेमर्स को लुभाया जाता था। ऑनलाइन गेमिंग में एंट्री किसी के रिफरेंस के जरिए ही मिलती थी। रिफरेंस देने वालों सदस्यों को कमीशन दिया जाता था। टेलीग्राम के इन ग्रुप्स पर, एडमिन आमतौर पर उन वेबसाइटों का खुलासा करते हैं, जिन पर रजस्टर्ड मेंबर दांव खेल सकते हैं। हालांकि, इन वेबसाइटों को दैनिक आधार पर बदला जा रहा था। 

बता दें कि भारत में तेलंगाना और कई अन्य राज्यों में गैंबलिंग पर प्रतिबंध है। अपराध के लिए, 3 महीने से 1 साल की जेल की सजा के अलावा 3,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। दूसरी बार अपराध करने पर न्यूनतम 6 महीने जेल की सजा और 5,000 रुपये का जुर्माना। वहीं अगर तीसरा बार अपराध किया जाता है तो न्यूनतम 1 साल की जेल की सजा और 10,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।

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