comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

नोएडा: निर्माणाधीन इमारत ढही, ठेकेदार सहित 2 लोगों की मौत, अब तक चार लोगों को सुरक्षित निकाला, बचाव कार्य जारी

नोएडा: निर्माणाधीन इमारत ढही, ठेकेदार सहित 2 लोगों की मौत, अब तक चार लोगों को सुरक्षित निकाला, बचाव कार्य जारी

डिजिटल डेस्क, नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर (नोएडा) जिले में शुक्रवार शाम एक बिजली कंट्रोल पैनल बनाने वाली तीन मंजिला फैक्टरी के आगे का हिस्सा निर्माण कार्य के दौरान अचानक ढह गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस, फायर और एनडीआरएफ की टीम ने गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बाहर निकालकर पास के ही अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान ठेकेदार और एक मजदूर की मौत हो गई। वहीं दो अन्य लोगों का इलाज चल रहा है। घटना स्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। मलबे में एक और व्यक्ति के दबे होने की आशंका है। 

जानकारी अनुसार घटना नोएडा सेक्टर-11 के एफ 62 में शुक्रवार शाम करीब को 6.45 बजे की है। फैक्टरी का आगे का हिस्सा निर्माण कार्य के दौरान गिर गया। इस दैरान यहां काम कर रहे ठेकेदार और मजदूर दब गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल ठेकेदार जैनेंद्र व मजदूर गोपी की मौत हो गई। जबकि सागर व आशु अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा एक और व्यक्ति के दबे होने की संभावना है। एनडीआरएफ और अन्य बचाव की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। इस घटना का मुख्यमंत्री ने भी संज्ञान लिया है।

तीसरी मंजिल पर चल रहा था काम
शक्ति टेक्नो फैब्रिक्स नाम की यह फैक्ट्री आरके भारद्वाज की है, जो कि एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं। फैक्टरी 1979 से 500 वर्गमीटर में चल रही है। तीसरी मंजिल पर कंस्ट्रक्शन का काम हो रहा था। साथ ही, पहली व दूसरी मंजिल के आगे के हिस्से पर लोहे के गर्डर और पट्टियां डालकर प्लंबर काम कर रहे थे। अचानक आगे का हिस्सा भरभराकर गिर गया। सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और गाजियाबाद से एनडीआरएफ, प्राधिकरण के कमियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस कमिश्नर और डीएम समेत तमाम आला अधिकारी भी पहुंचे।

फॉल्स सीलिंग में छेद से हुआ हादसा, बिल्डिंग मालिक ने बरती लापरवाही 
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में फैक्टरी मालिक की लापरवाही सामने आ रही है। बिल्डिंग बहुत ही जर्जर थी। इसके बाद भी तीसरी मंजिल के ऊपर कंस्ट्रक्शन हो रही थी और प्रथम व दूसरी मंजिल के बाहर काम किया जा रहा था। काम करने वाले लोग सुरक्षा मानकों का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे। इसी दौरान फॉल्स सीलिंग में छेद करने के दौरान बिल्डिंग का आगे का हिस्सा गिर गया। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी।

कमेंट करें
AIOCJ
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।